नीदरलैंड्स के द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत के हक में फैसला सुनाया है। इस फैसले को भारत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद फैलाने के आरोप में 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी।आईसीजे ने फिलहाल जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है और पाकिस्तान को निर्देश दिया है कि वह फांसी की सजा पर पुनर्विचार करे।
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veena malik
- फोटो : file photo
वहीं कोर्ट के इस फैसले के बाद पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक ने कुलभूषण जाधव के लिए अपशब्द बोलते हुए विवादित ट्वीट किया है। इनता ही नहीं उन्होंने कुलभूषण जाधव को वाघा बोर्डर पर फांसी देने की मांग की हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- ’आतंकवादी और हत्यारे कुलभूषण जाधव पर कोई दया नहीं करनी चाहिए। भारत के जासूसों और आतंकवादियों को उदाहरण देने के लिए उन्हें वाघा बॉर्डर पर कुलभूषण जाधव को फांसी दे देनी चाहिए।'
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veena malik with husband
- फोटो : social media
वीना मलिक के इस ट्वीट की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। वहीं भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स वीणा मलिक के इस ट्वीट के बाद उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं। धीरज सोशल मीडिया पर फिल्म तनु वेड्स मनु में कंगना रनौत की तस्वीर शेयर करते हुए पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए लिखते हैं- 'अभी तो हमें और जलील होना बाकी है।'
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Veena Malik and Ashmit Patel
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शेरप्रताप सिंह ट्विटर पर वीणा मलिक के इस ट्वीट का मजाक बनाते हुए लिखते हैं- ’आपकी बेवकूफी को मैं सैल्यूट करता हूं।’ इसके अलावा सोशल मीडिया पर वीणा मलिक के ट्वीट का काफी मजाक उड़ाया गया है। बहुत से यूजर्स ने भद्दे कमेंट भी किए हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीणा मलिक भारतीय रियलिटी शो बिग बॉस का किस्सा रह चुकी हैं।
आपको बता दें कि पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी के बाद भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। भारत को जब यह बात समझ में आ गई कि इस मसले को लेकर पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाएगा कि भारत कुलभूषण जाधव के जरिये बलूचिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था, तब उसने आईसीजे में जाने का फैसला किया। हालांकि भारत का रुख कूटनीतिक और वैधानिक तौर पर पहले से ही सही था और यही साबित करने भारत आईसीजे में गया था। सोलह में से पंद्रह जजों ने भारत के पक्ष में फैसला दिया।