सिनेमाजगत में कई फनकार रहे हैं, जिनमें से कुछ ने पर्दे पर तो कुछ ने पर्दे के पीछे से अपना जादू बिखेरा है, लेकिन बहुत कम ऐसे लोग मिलेंगे जिन्होंने सिने जगत में रहते हुए भी हमेशा अनुशासन और उसूलों को कायम रखा। इन्हीं में से एक उसूलों के पक्के थे निर्माता और निर्देशक शांताराम राजाराम वनकुद्रे यानी वी शांताराम! जो भारतीय सिनेमा के एक ऐसे फिल्मकार रहे जिन्होंने अपने साथ सिनेमा को भी आगे बढ़ाया। वी शांताराम ने सामाजिक समस्याओं को पर्दे पर उतारने का काम किया। उन्होंने अपने करियर में 90 से ज्यादा फिल्में बनाईं और 55 फिल्मों के वह निर्देशक रहे। 1985 में वी शांताराम को भारत सरकार की तरफ से दिए जाने वाले सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। सिने जगत के इस नायाब हीरे ने साल 1990 में 30 अक्टूबर के दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया।