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Tara Singh Da Puttar: जीते से सुनिए उसके अभिनय यात्रा की 22 साल की कहानी, अमिताभ बच्चन के सामने भी दिखाई अकड़

Sat, 12 Aug 2023 11:54 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार


 
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उत्कर्ष शर्मा, सनी देओल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

हिंदी सिनेमा में ऐसा पहली बार हुआ है कि जिस बच्चे ने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर किसी फिल्म में एक किरदार किया हो और बाद में जब उस फिल्म का सीक्वल बना तो उसमें भी उसने वही किरदार निभाया। निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा के बेटे उत्कर्ष शर्मा ने फिल्म 'गदर' में जीते की भूमिका निभाई थी और जब 22 साल के बाद इस फिल्म का सीक्वल बना तो उसमें भी काम किया है। उत्कर्ष शर्मा अपनी नई फिल्म 'गदर -2' को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि जिस तरह से दर्शक भावनात्मक तौर से 'गदर' से जुड़े उसी तरह से 'गदर -2' से भी जुड़ेंगे। उत्कर्ष शर्मा से ‘अमर उजाला’ ने ये खास बातचीत की।    

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सनी देओल, उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

क्या कहना चाहेंगे फिल्म गदर -2 को लेकर? 

'गदर 2' को लेकर सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा कि 'गदर' ने जिस तरह से दर्शकों से भावनात्मक रूप जोड़ा। उसी तरह से लोग इस फिल्म से भी जुड़ें। जब 'गदर' दोबारा रिलीज हुई तो तब भी इस फिल्म  को दर्शकों का खूब प्यार मिला। 'गदर 2' में भी हमारी यहीं कोशिश है कि यह फिल्म भी दर्शकों से भावनात्मक रूप से जुड़े। हमने कभी नहीं सोचा था कि 'गदर 2' कभी बनेगी। लेकिन जब अच्छी कहानी आई कि 'गदर' के साथ तराजू पर तौल सके। तब हमने 'गदर 2' बनाने का निश्चय किया। कई लोग पापा से कहते रहते थे कि 'गदर 2' बननी चाहिए। लेकिन कहानी कोई नहीं मिल रही थी।

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शक्तिमान, उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

फिर कहानी कैसे मिली

साल 2021 में नवरात्रि का समय था, अचानक फिल्म के लेखक शक्तिमान जी घर पर आए उन्होंने पापा से कहा कि मेरे पास एक कहानी है। उस समय पापा कोई और प्रोजेक्ट कर रहे थे। जैसे ही शक्तिमान जी फिल्म की वन लाइन सुनाई पापा एकदम से उतावले हो गए, जैसे 'गदर' के समय पर हुए थे। उसी दिन पापा ने सनी जी और जी स्टूडियोज को फिल्म की कहानी का विचार सुनाया और उसी दिन यह प्रोजेक्ट फाइनल हो गया। फिल्म की कहानी पर सबको विश्वास था।

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उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

और, 'गदर' को दोबारा रिलीज करने का मकसद भी यही रहा होगा कि एक बार लोगों की याद तरोताजा हो जाए?

फिल्म को दोबारा रिलीज करने का मकसद ही यही था कि नई पीढ़ी को फिल्म कैसी लग रही है। टीवी पर यह फिल्म तो कई बार लोगों ने देखी होगी। थियेटर में दोबारा रिलीज करने का मकसद यही था कि नई पीढ़ी के लोगों के मन में इस फिल्म को लेकर क्या सोच है। जब फिल्म रिलीज हुई तो मैं खुद थियेटर में दो बार फिल्म देखने गया। थियेटर में ज्यादतर युवा पीढ़ी के लोग ही फिल्म को देखकर खूब एन्जॉय कर रहे थे। हमारे लिए यह मार्केटिंग रिसर्च था कि फिल्म की पहुंच अभी भी दर्शकों के बीच कितनी है।

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उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आप ने अपने पापा की कई फिल्में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर कीं क्या तभी तय कर लिया था कि बड़े होकर कलाकार ही बनना है?
बचपन में मुझे क्रिकेट देखने और खेलने का बहुत शौक था। मेरे दिमाग में कहीं न कहीं यही बात थी कि क्रिकेटर ही बनना है। लेकिन जब 15 साल का हो गया तब मैंने सोचा कि क्रिकेट में नहीं, अब फिल्मों में ही करियर बनाना है। उस समय पापा की फिल्म 'वीर' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। तब से फिल्मों में मेरी दिलचस्पी बढ़ने लगी। मैं कुछ न कुछ लिखता भी रहता था।
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उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'वीर' की शूटिंग के दौरान सलमान खान के साथ काम करने की कुछ यादें साझा करेंगे?
बहुत ही प्यारे इंसान हैं वह। पापा के डायरेक्शन टीम में सबसे छोटा मैं ही था। फिल्म के बाकी असिस्टेंट और पापा मुझे ही सलमान सर को शॉट के लिए बुलाने के लिए भेजते थे। सलमान सर जैसे ही मुझे देखते थे, तुरंत आ जाते थे। मैं उनको बोलता था कि सर, डायरेक्टर बुला रहे हैं। वह बहुत प्यार से बोलते थे कि डायरेक्टर यानी कि आपके पापा बुला रहे हैं, आ रहा हूं। 
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गदर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

'गदर' के बाद तो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर बहुत सारी फिल्मों के ऑफर आए होंगे ?  

बिल्कुल, 'गदर' के बाद चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर बहुत बड़ी -बड़ी फिल्मों के ऑफर आ रहे थे। लेकिन पापा नहीं चाह रहे थे कि चाइल्ड एक्टर के तौर पर फिल्मों में काम करूं। पापा चाहते थे कि मैं पढ़ाई पर फोकस करूं। लेकिन घर की फिल्म में  हर समय सिचुएशन ऐसी बनी कि मुझे भी काम करना पड़ा। अपनी फिल्मों के लिए कोई चाइल्ड आर्टिस्ट नहीं मिल रहा होता तो मुझे खड़ा कर देते थे। इसी तरह से 'गदर', 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों' और फिर 'अपने' में हुआ।

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उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

आपको पहले से पता था क्या कि फिल्म 'अपने' में भी कोई बच्चे का रोल है ? 

मुझे नहीं पता था कि 'अपने' में बच्चे का भी कोई किरदार है । लेकिन उस फिल्म में सनी सर के बचपन का रोल था। अचानक पापा ने बोला कि इनको फटे पुराने कपड़े पहना दो, इनको सनी सर के बचपन वाला गरीब का किरदार निभाना है। उसमे मेरी बहन ने भी चाइल्ड एक्टर के तौर दिव्या दत्ता के बचपन का रोल  किया है। 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों' में बॉबी सर का डबल रोल था। तो मैंने उनके बचपन का रोल निभाया था। मेरा भी फिल्म में डबल रोल हो गया।

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उत्कर्ष शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अमिताभ बच्चन के साथ पहली बार कैमरा फेस करने का कैसा अनुभव रहा? 

बच्चन साहब तो लीजेंड हैं। पापा खुद भी बच्चन साहब के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों' की शूटिंग के दौरान का एक किस्सा पापा बताते हैं कि जब बच्चन साहब के साथ मेरा सीन था तो पापा ने पूछा कि अमिताभ बच्चन के साथ काम कर रहे हो, डर तो नहीं लग रहा, घबरा तो नहीं रहे हो? मैने नासमझी और मूर्खता में कह दिया कि वह भी एक्टर हैं, मैं भी एक्टर हूं, इसमें डर और घबराना कैसा? लेकिन बच्चन सर बहुत ही सज्जन हैं, उनके साथ बहुत ही अच्छा काम करने का अनुभव रहा हैं। अगर आगे भी कभी उनके साथ काम करने का मौका मिला तो सपने सच होने जैसे होगा।

 

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उत्कर्ष शर्मा, सनी देओल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

जब आपने होश संभाला होगा तब पापा की पहली फिल्म आपने कौन सी देखी?

पापा की पहली फिल्म मैंने ‘महाराजा’ देखी थी। वह बच्चों के लिए एक्शन एडवेंचर फिल्म थी। फिल्म में गोविंदा जी का एक अलग ही लुक था। मेरा बचपन ही गोविंदा जी की फिल्में देख -देख कर बीता है। वह पहले स्टार हैं, जिनकी पहली फिल्म मैंने देखी थी। वह जो भी करते हैं. बहुत ही कमाल करते हैं। मुझे लगता है कि गोविंदा जी के साथ भी कभी काम करने का मौका मिले तो बहुत मजा आएगा।

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