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वंशवाद के मुद्दे पर जमकर बरसीं उर्मिला मातोंडकर, अपने समय में हुई मीडिया की दादागीरी पर उठाए सवाल

Wed, 16 Sep 2020 11:31 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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उर्मिला मातोंडकर - फोटो : File Photo

अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने मौजूदा समय में चल रही वंशवाद की बहस में अपनी बात रखी है। उन्होंने बीते दिनों को याद करते हुए कहा है कि जब देश में सोशल मीडिया नहीं था तब अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाने के लिए कुछ गिने चुने मीडिया संस्थानों का सहारा ही लेना पड़ता था। उस समय वे मीडिया संस्थान किसी माफिया से कम नहीं थे।

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उर्मिला मातोंडकर - फोटो : file photo
उर्मिला बताती हैं कि उन्होंने उनकी हिट फिल्मों के बारे में तो ज्यादा नहीं लिखा लेकिन जब उनकी 11 फिल्में असफल रहीं तो हेडिंग बड़े बड़े अक्षरों में जाने लगी। सीधे तौर पर इंडस्ट्री में बढ़ते वंशवाद का जिम्मेदार उर्मिला ने मीडिया को ही ठहराया है।
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उर्मिला मातोंडकर - फोटो : File Photo

अपने शुरुआती करियर के बारे में उर्मिला ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, ‘जब मैंने इस फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा तो मेरे साथ 16 दूसरी लड़कियों ने भी यहां अपने करियर की शुरुआत की थी। उनमें से आठ या 10 लड़कियां तो इंडस्ट्री के किसी कलाकार की बेटी या भतीजी थी। मेरे परिवार का फिल्म इंडस्ट्री से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था। वह ऐसा समय था जब मीडिया भी कुछ गिना चुना ही था। अपनी बात कहने के लिए घूम फिर कर उन्हीं लोगों के आसपास से गुजरना होता था। मुझे उन्हीं के कभी साथ नहीं मिला। मैंने भी उनके सामने झुकने से मना कर दिया। मुझे भरोसा था कि एक दिन मेरा काम बोलेगा।’

 

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उर्मिला मातोंडकर - फोटो : file photo

अपनी शुरुआती फिल्मों के बारे में मीडिया की प्रतिक्रिया पर उर्मिला ने बताया, ‘जब मैंने शुरुआत में दो-तीन फिल्में औसत हिट दीं तो मीडिया ने मेरे बारे में कुछ नहीं लिखा। लेकिन, जब मेरी 11 फिल्में पिट गईं तो उन्होंने मुझे नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मैं सोचती थी कि जब फिल्में ठीक ठाक चलीं, तब तो ये नहीं आए लेकिन अब इतना हंगामा क्यों? लेकिन, जो भी हो। हमें इन सबसे ऊपर उठना ही पड़ता है।’ 

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उर्मिला मातोंडकर - फोटो : File Photo
उर्मिला को 1995 में आई फिल्म ‘रंगीला’ के लिए आज भी याद किया जाता है। इससे उनके करियर का ग्राफ ही बदल गया था। उर्मिला बताती हैं कि ‘रंगीला’ के बाद से अचानक बहुत सी चीजें बदल गई थीं। वह कहती हैं, ‘इंडस्ट्री के लोग वंशवाद को जितना बढ़ावा देते हैं, बाहर से आया हुआ मीडिया भी इसमें उतना ही भागीदार है। मैं नाम नहीं लेना चाहती लेकिन उस समय रंगीला के बारे में जितने लोगों ने अपने आलेख लिखे, उन सभी में से मुझे बिल्कुल ही बाहर कर दिया था। ऐसा लगा था कि जैसे फिल्म में मैं तो हूं ही नहीं। उस फिल्म में मैंने जो किया, उनकी नजर में वह कुछ था ही नहीं। मैंने क्या उसमें सिर्फ मेकअप लगाकर नाच दिखाया है? वह किरदार मेरे लिए बहुत मुश्किल था लेकिन किसी ने उसके बारे में बात ही नहीं की। हालांकि, इस चीज के लिए मैंने कभी इंडस्ट्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया और न ही बदनाम किया।’
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