कांंग्रेस की सदस्यता ग्रहण करतीं उर्मिला मातोंडकर
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2. मोदी लहर की शिकार
राजनीति में नई होने के अलावा उर्मिला, मोदी लहर की भी शिकार हो गईं । चुनाव के पहले से ही लोगों की जुबान पर पीएम नरेंद्र मोदी का नाम था। उर्मिला के सामने बीजेपी के गोपाल शेट्टी उम्मीदवार थे । लोगों ने पहले ही मन बना रखा था कि लोकल प्रत्याशी के बजाय मोदी को जिताना है । जनता की ये सोच उर्मिला के विपक्षी के लिए फायदेमंद साबित हुई ।