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लोकसभा चुनाव में पहली बार उतरीं उर्मिला मातोंडकर को क्याें झेलनी पड़ी करारी हार, ये हैं 5 बड़े कारण

Fri, 24 May 2019 01:48 PM IST
भावना शर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Urmila Matondkar - फोटो : social media
लोकसभा चुनाव 2019 में उर्मिला मातोंडकर कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। चुनाव से कुछ दिन पहले ही उर्मिला राजनीति में आईं और कांग्रेस का हाथ थामा । कांग्रेस ने उर्मिला को नॉर्थ मुंबई से टिकट दिया था । उर्मिला को चुनाव में भाजपा के गोपाल शेट्टी से करारी हार मिली है । एक बॉलीवुड सेलेब्रिटी और मराठी होते हुए भी मुंबई की जनता ने उर्मिला को अपने नेता के तौर पर नहीं चुना । आइए जानते हैं वो 5 बड़े कारण जिसकी वजह से उर्मिला लोकसभा चुनाव हार गईं । 
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नामांकन के लिए जातीं उर्मिला मातोंडकर
1. राजनीति में नई हैं उर्मिला मातोंडकर

उर्मिला ने चुनाव के कुछ दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी ज्वॉयन करने का फैसला लिया। उर्मिला बॉलीवुड की एक बड़ी सेलेब्रिटी मानी जाती हैं । इसलिए कांग्रेस ने उन्हें नॉर्थ मुंबई से टिकट देकर चुनावी मैदान में उतार दिया । उर्मिला को स्वीकारने में अभी जनता को समय लगेगा । इस बार हारने के बाद उर्मिला को ये समझ आ गया होगा कि उन्हें जनता का दिल जीतने के लिए राजनीति में पैर जमाना जरूरी हैं । 
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कांंग्रेस की सदस्यता ग्रहण करतीं उर्मिला मातोंडकर - फोटो : ANI
2. मोदी लहर की शिकार

राजनीति में नई होने के अलावा उर्मिला, मोदी लहर की भी शिकार हो गईं । चुनाव के पहले से ही लोगों की जुबान पर पीएम नरेंद्र मोदी का नाम था। उर्मिला के सामने बीजेपी के गोपाल शेट्टी उम्मीदवार थे । लोगों ने पहले ही मन बना रखा था कि लोकल प्रत्याशी के बजाय मोदी को जिताना है । जनता की ये सोच उर्मिला के विपक्षी के लिए फायदेमंद साबित हुई । 



 

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urmila matondkar - फोटो : social media
3. विपक्ष में थे बीजेपी के गोपाल शेट्टी

साल 2004 में एक्टर गोविंदा ने कांग्रेस के टिकट पर इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था। 2009 में इस सीट से संजय निरूपम सांसद बने । साल 2014 में ये सीट कांग्रेस के हाथ से निकल गई और अब इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है । बीजेपी के गोपाल शेट्टी का नॉर्थ मुंबई में काफी दबदबा है । साथ ही उन्होंने इन 5 सालों में वहां बहुत काम करवाया है । ऐसे में उर्मिला का हारना तय था ।



 
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urmila matondkar
4. प्रचार के दौरान जनता का दिल नहीं जीत पाईं

उर्मिला ने टिकट मिलने के बाद चुनाव प्रचार शुरू किया था । वो घर-घर जाकर लोगों से मिलीं । प्रचार के लिए उर्मिला ने कई हथकंडे अपनाए । कभी वो ऑटो में बैठीं तो कभी सड़क पर नाचीं । गुड़ी पर्वा के मौके पर उर्मिला ने जनता के साथ पूजा-अर्चना की थी और फिर सड़क पर ढोल पर नाचीं भी । इसके बावजूद जनता का दिल जीतने में नाकाम रहीं । 



 
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urmila matondkar
5. बॉलीवुड से भी लंबे समय से गायब

उर्मिला के ना जीतने का एक कारण ये भी है कि वो बॉलीवुड से भी लंबे समय से गायब हैं । उर्मिला आखिरी बार साल 2013 में फिल्म 'लाइफ में हंगामा है' में नजर आई थीं । ये फिल्म फ्लॉप रही थी । फिर 5 साल बाद उन्होंने फिल्म 'ब्लैकमेल' में आइटम सॉन्ग किया । उर्मिला का चर्चा में ना रहना भी उनकी हार का कारण बना है।
 
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