Dadasaheb Phalke
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पहली फिल्म और पहली महिला कलाकार
दादा साहेब फाल्के का फिल्ममेकर बनने का किस्सा भी दिलचस्प है। एक मटर के पौधे को वह हर रोज एक महीने तक शूट करते रहे और इसकी एक फिल्म तैयार की। यह उनकी पहली फिल्म रही, जिसका नाम उन्होंने अंकुराची वध रखा। जल्द ही उन्हें निवेशक भी मिल गए, फिर एक अखबार के जरिए उन्होंने अपनी टीम के लिए एड निकाले और हरिश्चंद्र की कहानी पर एक फिल्म बनाने का फैसला किया।
उस समय उन्हें कोई महिला कलाकार नहीं मिली, जिसकी वजह से फिल्म में राजा हरिश्चंद्र की पत्नी का किरदार एक आदमी ने ही निभाया। राजा हरिश्चचंद्र भारत की पहली फुल लेंथ फीचर फिल्म रही, जिसे उन्होंने 1913 में छह महीने 27 दिन में बनाया। इसके बाद फाल्के ने मोहिनी भस्मासुर और सत्यवान सावित्री फिल्में बनाई जो दर्शकों को खूब पसंद भी आई। मोहिनी भस्मासुर पहली फिल्म रही जिसमें महिला कलाकारों ने भारतीय सिनेमा में पहली बार काम किया।