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कभी दीपक के दम के आगे हार गए थे अक्षय कुमार, जानिए शोहरत और गुरबत की 10 अनसुनी कहानियां

Fri, 28 Aug 2020 11:28 AM IST
shrilata biswas रोहिताश सिंह परमार, मुंबई
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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
90 के दशक के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक रहे दीपक तिजोरी की जिंदगी और उनका करियर दोनों ही बहुत उतार और चढ़ाव से गुजरे हैं। एक समय तो ऐसा था जब दीपक फिल्मों का जाना माना चेहरा हुआ करते थे लेकिन बाद में उनसे सभी ने दूरी बना ली। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब अक्षय कुमार, अजय देवगन और सुनील शेट्टी जैसे कलाकार अपनी जगह बनाने में लगे हुए थे उससे पहले दीपक एक कलाकार के रूप में स्थापित हो चुके थे। आइए, आज हम उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से आपके साथ साझा करते हैं।
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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
आमिर खान के साथ रंगमंच के साथी
दीपक का फिल्मों में रुझान शुरुआत से नहीं था। दरअसल, उन्होंने जब अपनी पढ़ाई खत्म की तो वह सिनैब्लिट्ज मैगजीन में काम करने लगे। इस मैगजीन में काम करते-करते उनका फिल्मों में काम करने वाले लोगों से मिलना जुलना होता रहा। यहीं से उनकी इच्छा जगी कि क्यों न वह भी अभिनय में हाथ आजमाएं। तब वह एक शौकिया थियेटर ग्रुप का हिस्सा बने। इस ग्रुप के सदस्य पहले से ही आमिर खान, आशुतोष गोवारिकर, परेश रावल और विपुल शाह जैसे लोग थे। रंगमंच पर अपनी कला दिखाते हुए दीपक टीवी के कुछ धारावाहिकों में भी काम करते रहे।
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सनी देओल, सनी लियोनी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
निर्माताओं के लिए घंटों किया इंतजार
दीपक जिस समय रंगमंच पर अपना जौहर दिखाते हुए टीवी धारावाहिकों में काम कर रहे थे, उसी समय उनके साथ थिएटर करने वाले कलाकार फिल्मों में भी हाथ आजमा रहे थे। तब दीपक ने भी सोचा कि क्यों न वह भी फिल्में करें। उन्होंने फिल्म निर्माताओं के ऑफिस के चक्कर लगाना शुरू कर दिए। एक इंटरव्यू में खुद दीपक ने बताया है कि उन्हें किसी भी फिल्म निर्माता से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता। अगर कुछ दिनों तक धूल फांकने के बाद किसी फिल्म में कोई किरदार मिल भी जाता तो वह बहुत ही बेकार या फिर छोटा होता था। यह प्रक्रिया उन्हें शुरुआत के तीन साल तक करनी पड़ी। संजय दत्त और सनी देओल की फिल्म 'क्रोध' में उन्हें एक किरदार मिला जिसमें उन्हें दिखाया तो कई बार गया लेकिन बोलने के लिए पूरी फिल्म में सिर्फ एक ही संवाद था। दीपक ने पाया तो कुछ नहीं लेकिन यहां से उनकी शुरुआत हो गई थी।

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साथी कलाकारों के साथ दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
महेश भट्ट ने दिया मौका
दीपक के पास काम तो नहीं था लेकिन धीरे-धीरे दोस्त काफी बना लिए थे उन्होंने। उनके एक दोस्त आफताब गिल ने उन्हें बताया कि जाने-माने फिल्म निर्माता और निर्देशक महेश भट्ट एक फिल्म बना रहे हैं जिसमें उन्हें एक सेकेंड लीड की जरूरत है। दीपक को लगा कि परिणाम चाहे जो भी हो लेकिन इसके लिए ऑडिशन तो देना ही चाहिए। दीपक ने इस फिल्म के लिए अपना ऑडिशन दिया और महेश भट्ट को दीपक का काम बहुत पसंद आया। यह फिल्म थी 'आशिकी'। इस फिल्म के लिए दीपक को महेश ने चुन लिया। यह फिल्म सुपरहिट रही और दीपक को भी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिल गई। महेश भट्ट दीपक से काफी प्रभावित थे इसलिए उन्होंने दीपक को अपनी अगली फिल्म 'सड़क' में भी काम दिया। इसके अलावा उन्होंने एक छोटा सा किरदार अपनी फिल्म 'दिल है कि मानता नहीं' में भी दीपक को दिया।
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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
अक्षय को हराकर जीता ये रोल
यह किस्सा मंसूर खान की फिल्म 'जो जीता वही सिकंदर' का है। मंसूर खान अपनी इस फिल्म के लिए ऑडिशन ले रहे थे। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए तो आमिर खान का चुनाव हो चुका था। अब उन्हें इसमें एक सेकेंड लीड की जरूरत थी। इस किरदार के लिए भी बहुत से लोगों ने ऑडिशन दिया जिसमें अभिनेता अक्षय कुमार भी शामिल थे। इसके लिए दीपक तिजोरी ने भी अपना ऑडिशन दिया। जब मंसूर ने सबके ऑडिशन देखे तो उन्होंने फैसला किया कि फिल्म में इस भूमिका के लिए दीपक तिजोरी ही फिट हैं, अक्षय कुमार का ऑडिशन उन्हें अच्छा नहीं लगा। यही दीपक तिजोरी बाद में अक्षय कुमार की फिल्म 'खिलाड़ी' में भी सेकेंड लीड करते नजर आए।
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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
मुख्य अभिनेता से भी ज्यादा मशहूर
फिल्म 'खिलाड़ी' के मुख्य अभिनेता बेशक अक्षय कुमार थे लेकिन फिर भी उस समय दीपक तिजोरी की लोकप्रियता अक्षय से ज्यादा थी। इस फिल्म की शूटिंग एक बार मुंबई के चेंबूर में चल रही थी तो शूटिंग देखने के लिए वहां लोगों का मजमा लग गया। लोगों को जब पता चला कि शूटिंग करने के लिए दीपक तिजोरी आए हैं तो लोग उनसे मिलने के लिए बेताब होने लगे। जब उन्हें दीपक से मिलने का मौका मिला तो वह उन पर टूट पड़े। यह सारा दृश्य फिल्म के मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार एक ओर बैठे अपनी आंखों से देख रहे थे। वह समय ही ऐसा था जब दीपक के सामने आज के बड़े बड़े कलाकार भी कुछ नहीं थे।
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फुटबॉल खेलते दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
मुख्य अभिनेता बनने का सपना हुआ चकनाचूर
थियेटर के दिनों में उनके सबसे अच्छे दोस्त रहे आशुतोष गोवारिकर अपने जीवन की पहली फिल्म बनाने जा रहे थे। वह फिल्म थी 'पहला नशा'। उस समय दीपक की लोकप्रियता तो बहुत थी लेकिन निर्माता उन्हें सिर्फ सेकेंड लीड के लिए चुनते थे। आशुतोष ने दीपक को अपनी इस फिल्म में मुख्य भूमिका में चुना। जब यह थ्रिलर फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो फ्लॉप साबित हुई। इस फिल्म में दीपक के साथ पूजा भट्ट और रवीना टंडन मुख्य भूमिकाओं में थीं। यह फिल्म फ्लॉप बेशक रही लेकिन इस फिल्म की एक छोटी सी क्लिप खूब वायरल हुई। दरअसल, फिल्म में कई बड़े कलाकारों जैसे शाहरुख खान और आमिर खान का स्पेशल अपीयरेंस था। यही एक ऐसी फिल्म है जिसमें शाहरुख और आमिर एक साथ नजर आए हैं। इस फिल्म के फ्लॉप होने के साथ ही दीपक का फिल्मों में मुख्य अभिनेता बनने का सपना भी टूट गया।

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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
अक्षय, अजय और सुनील ने छींनी फिल्में
जिस वक्त हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दीपक तिजोरी खुद को स्थापित कर चुके थे, उसी वक्त अजय देवगन, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी जैसे कलाकार भी एक के बाद एक हिट फिल्में दिए जा रहे थे। यह ऐसे कलाकार थे जिन्हें एक सहायक कलाकार बनने में भी कोई दिक्कत नहीं थी। वह मुख्य अभिनेता के रूप में भी हिट थे और सहायक अभिनेता के रूप में भी। उस दौरान सुनील शेट्टी-अक्षय कुमार, अक्षय कुमार-अजय देवगन और अजय देवगन-सुनील शेट्टी की भी साथ में कई फिल्में आईं। जब यही अभिनेता फिल्मों में मुख्य किरदार निभा रहे थे और सहायक कलाकार भी वही थे तो ऐसे में दीपक तिजोरी को फिल्में मिलना कम हो गईं। यहां से उनके पास काम की कमी रहने लगी। फिर तो ऐसा हो गया था कि दीपक के पास कोई भी ऑफर आता तो वह उसे कर लेते थे। हालांकि, इसके बावजूद भी उन्हें कुछ ज्यादा नहीं मिला।

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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
आमिर खान और महेश भट्ट का मिला साथ
कभी सेकेंड लीड करके ही मशहूर हुए दीपक तिजोरी के पास जब कोई काम नहीं था तो उन्होंने फिल्म 'संतान' में एक नकारात्मक किरदार भी निभाया लेकिन वह फिल्म भी फ्लॉप रही। इस बुरे वक्त में उनके काम आए उनके पुराने दोस्त आमिर खान और महेश भट्ट। महेश उस समय फिल्म 'गुलाम' बना रहे थे। इसमें उन्होंने एक भूमिका निभाने के लिए दीपक को चुना। दीपक एक अच्छे कलाकार तो थे ही, इसलिए उन्होंने फिल्म में अपना काम अच्छे से किया और फिल्म तो सुपरहिट ही रही। इसके बाद इस फिल्म की वजह से ही उन्हें संजय दत्त की फिल्म 'वास्तव' में भी एक छोटा किरदार मिला। किरदार बेशक छोटा था लेकिन दमदार था और दीपक तिजोरी को भी ठीक-ठाक नाम मिल गया।

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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
निर्देशक बने दीपक
दीपक को अब भी फिल्मों में कुछ छोटे-मोटे किरदार तो मिल रहे थे लेकिन वे उन्हें पसंद नहीं आ रहे थे। दरअसल, वह इन छोटे-मोटे किरदारों को करके थक गए थे। तब उन्होंने फैसला लिया कि अब वह फिल्म निर्देशक बनेंगे। उन्होंने एक एडल्ट ड्रामा फिल्म 'ऊप्स' बनाई। इस फिल्म का विषय थोड़ा बोल्ड था इसलिए फिल्म सेंसर बोर्ड में ही अटकी रही। इस फिल्म के लेखक, निर्देशक और निर्माता सभी कुछ दीपक ही थे। जब यह फिल्म फ्लॉप हुई तो दीपक का दिवाला भी निकल गया। इसके बाद उन्होंने टॉम डिक एंड हैरी, खामोश- खौफ की रात जैसी कुछ फिल्में और निर्देशित कीं लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। यहीं से दीपक का करियर गर्त में चला गया।
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दीपक तिजोरी - फोटो : facebook/deepak.tijori.18
जब पीजी में रहने के लिए होना पड़ा मजबूर
दीपक का करियर तो खत्म हो ही गया था। साथ ही उनके व्यक्तिगत रिश्ते भी खत्म हो चले थे। दीपक अपनी पत्नी शिवानी के साथ दिल्ली के करीब गुरुग्राम में रहने लगे थे तभी दोनों का किसी तीसरे को लेकर झगड़ा हो गया। शिवानी ने तलाक का नोटिस भेज दिया और मुआवजा देने की भी मांग की। दीपक बताते हैं कि उन दिनों उनकी तो हालत पतली हो चुकी थी इसलिए उनके पास कुछ देने को था ही नहीं। उन्होंने सीधे-सीधे मना कर दिया। दीपक इसके बाद अपने माता-पिता के साथ वापस जाकर रहने लगे। उन्होंने वहां से निकलकर दूसरे लोगों के साथ वह पेईंग गेस्ट (पीजी) में भी रहना शुरू कर दिया। 
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