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बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन थीं टुनटुन, सिंगर से ऐसे बनीं एक्ट्रेस

Thu, 11 Jul 2019 06:04 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Tuntun - फोटो : Social Media
टुनटुन फिल्म इंडस्ट्री का वो नाम है, जिसे सुनते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। आज की पीढ़ी भले ही उन्हें न जानती हो लेकिन टुनटुन नाम से वो वाकिफ जरूर होंगे। टुनटुन का असली नाम उमा देवी खत्री था, उनका जन्म यूपी के एक छोटे से गांव में 11 जुलाई, 1923 को हुआ था। जब वो छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता का देहांत हो गया था, उनके चाचा ने ही उनकी परवरिश की थी। बचपन से ही टुनटुन को गाने का काफी शौक था। वो अक्सर रेडियो पर गाना सुनकर उसका रियाज किया करती थीं। 
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Tuntun - फोटो : Social Media
टुनटुन की बचपन से ही तमन्ना थी कि मुंबई जाकर गायकी में अपना करियर बनाएं, लेकिन उस दौर में लड़कियों का पढ़ाई करना तक मुश्किल था, तो गायिका बनना तो दूर की बात थी। लेकिन उनकी किस्मत में तो बॉलीवुड के पर्दे पर चमकना लिखा था। एक दिन उनकी एक सहेली उनके गांव गई थी, जो मुंबई में कई फिल्मवालों को जानती थी। उसके साथ टुनटुन मुंबई चली आईं।
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Naushad - फोटो : social media
मुंबई आने के बाद टुनटुन की मुलाकात संगीतकार नौशाद साहब से हुई और उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि उन्हें फिल्म में गाने का मौका दिया जाए। नौशाद के सामने वो जिद पर अड़ गईं कि अगर उन्हें गाने का मौका नहीं मिला, तो वो उनके बंगले से समुद्र में कूद जाएंगीं। नौशाद साहब ने टुनटुन का छोटा सा ऑडिशन लिया और उनकी आवाज से प्रभावित होकर उन्हें तुरंत काम दे दिया।

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Tuntun - फोटो : Social Media
'अफसाना लिख रही हूं' ये गाना आज भी लोगों की जुबां पर अक्सर सुनने को मिल जाता है, लेकिन बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि इस खूबसूरत गाने को आवाज देने वाली गायिका का नाम है टुनटुन।
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Tuntun - फोटो : Social Media
टुनटुन का करियर बतौर गायिका ठीक चल रहा था, लेकिन उस दौर में कई नई गायिकाएं फिल्मी दुनिया में आने लगी थीं। टुनटुन को गाने मिलने कम हो गए, तो नौशाद साहब ने उनसे कहा कि तुम फिल्मों में अपना एक्टिंग क्यों नहीं करती। फिल्मों में आने के लिए टुनटुन तैयार तो हो गईं, लेकिन साथ ही उन्होंने ये शर्त रखी कि अगर दिलीप कुमार के साथ फिल्म होगी तभी एक्टिंग करूंगी। नौशाद उनकी बात सुनकर हंस पड़े। लेकिन 1950 में टुनटुन की ये तमन्ना पूरी हुई और फिल्म बाबुल में दिलीप कुमार के साथ काम करने का मौका मिला।
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Tuntun - फोटो : Social Media
टुनटुन बनकर उन्होंने ऐसा कमाल किया कि वो भारत की पहली महिला कॉमेडियन बन गईं। उस दौर की फिल्मों में खासतौर पर उनके लिए रोल लिखे जाते थे। उन्होंने उस दौर के सभी बड़े स्टार्स के साथ काम किया। पांच दशक के करियर में टुनटुन ने करीब 200 फिल्मों में काम किया। 90 का दशक आते-आते उन्होंने फिल्मों से खुद को अलग कर लिया।
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Tuntun - फोटो : Social Media
24 नवंबर, 2003 को टुनटुन इस दुनिया को अलविदा कह गईं, लेकिन आज भी वे लोगों के दिलों में जिंदा हैं।
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