इन दिनों फिल्में डिजिटल कैमरे पर शूट होती हैं और उनकी साथ के साथ एडीटिंग भी वहीं लोकेशन पर होती रहती है। लेकिन, ज्यादा दिन नहीं हुए जब फिल्में रील पर शूट होती थीं और उनकी एडीटिंग रीलों को काटकर होती थी। महीनों की मेहनत के बाद जितनी भी फिल्म तैयार होती, निर्माता, निर्देशक और फिल्म के खास लोग इसे देखते और जहां कहीं भी कमी दिखती थी, उसमें सुधार करते। आज का किस्सा एक ऐसी ही फिल्म से जुड़ा है जिसके 75 फीसदी बन जाने के बाद निर्माता को लगा कि ये फिल्म तो रिलीज करना ही मुश्किल है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं अमिताभ बच्चन, शशि कपूर और संजीव कुमार स्टारर साल 1978 की फिल्म त्रिशूल की जो 5 मई को रिलीज हुई थी और जिसने उस साल कमाई में दूसरा नंबर पाया था। उस साल पहले नंबर पर भी अमिताभ बच्चन की ही फिल्म मुकद्दर का सिकंदर रही और तीसरे नंबर पर जो फिल्म कमाई के मामले में 1978 में थी, वह फिल्म भी अमिताभ बच्चन की ही फिल्म थी, डॉन। उस साल सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 10 फिल्मों में अमिताभ बच्चन की दो और फिल्में कसमे वादे और गंगा की सौगंध भी शामिल रहीं। पांच फिल्में, पांच किरदार और पांचों के तेवर जुदा जुदा। ये वो फिल्में हैं जिसके चलते अमिताभ बच्चन 20वीं सदी के महानायक कहलाए।