तीन तलाक
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साथ ही आख़िर क्यों, ईश्वर, नगीना, निगाहें, नजराना, आदमी खिलौना है, सैलाब, सदा सुहागन और मेरा पति सिर्फ़ मेरा है जैसी कई फिल्में भी अचला जी ने ही लिखीं। लेकिन जब उन्होंने 'निकाह' लिखी तब वो नई नई थीं। आकाशवाणी मथुरा में काम करती थीं। इसके अलावा उनकी एक पहचान यह थी कि वह महान साहित्यकार अमृतलाल नागर की बेटी हैं। असल में अचला नागर ने 'निकाह' की कहानी 'माधुरी' पत्रिका के लिए लिखी थी। उनकी यह कहानी कैसे 'निकाह' फ़िल्म के रूप में आई यह भी दिलचस्प है। अचला नागर बताती हैं, "मैं कुछ न कुछ लिखती रहती थी। साल 1980 में अपने मुंबई प्रवास के दौरान मैं 'धर्मयुग' में गई तो वहीं पर 'माधुरी' के संपादक विनोद तिवारी से मुलाकात हुई, उन्होंने कहा कि 'माधुरी' के लिए कोई कहानी लिखिए।"