यश चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
बंटवारे से पहले सिनेमा की बजाय अपनी हरकतों से चर्चा में रहने वाले यश राज चोपड़ा ने सिनेमा में धर्म का पूरी तरह पालन किया। लाहौर में वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ जुड़े। राष्ट्र धर्म भी उन्होंने सीखा और शासन धर्म भी। धर्म और उपासना पद्धतियों को अलग अलग मानने वाले यश चोपड़ा मानते रहे कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में कामयाब तो बहुत लोग होते हैं, लेकिन कई पीढ़ियों तक यादें उन्हीं की रह जाती हैं, जो जीवन में धर्म के दस लक्षण मानकर चलते हैं। श्लोक तो उन्हें पूरा याद नहीं रहता था लेकिन वह धर्म के 10 लक्षणों के बारे में बात जरूर करते थे।
Yash Chopra Birthday: सिनेमा से लेकर सिनेमा को ही सबकुछ सौंप गए यश चोपड़ा, हर कदम निभाए ये धर्म