यह साल बॉलीवुड के लिए अब तक कमाई वाला रहा है। जनवरी से जिस तरह फिल्में चल रही थीं, उससे बॉक्स ऑफिस को अगस्त में काफी उम्मीदें थीं। कुछ छुट्टियां इस महीने थीं। अत: सितारों से सजी 10 फिल्में रिलीज हुईं। मगर माह के अंत में नतीजा उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टिकट खिड़की का कारोबार औसत साबित हुआ...
बॉक्स ऑफिस पर एक फिल्म से 300 करोड़ कमाने वाले आमिर या सलमान खान क्यों सबसे बड़े सितारे हैं, इसे यूं समझ सकते हैं कि गुजरे अगस्त में रिलीज हुई सितारों वाली 10 फिल्में मिलकर भी 300 करोड़ रुपये नहीं कमा सकीं। बॉलीवुड को अगस्त से बड़ी उम्मीदें थीं। सितारों से सजी आधा दर्जन से ज्यादा फिल्में आनी थीं। पंद्रह अगस्त से लेकर ईद और रक्षा बंधन की छुट्टियां इस माह में थीं। मगर जो नतीजा आया, उससे इंडस्ट्री और ट्रेड खुश नहीं हैं। फिल्में उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं। मामला मिला-जुला रहा। अक्षय कुमार स्टारर 'गोल्ड' को छोड़ें तो बाकी फिल्में धन का ढेर नहीं लगा सकीं। 'गोल्ड' ने जरूर दूसरे हफ्ते में 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया परंतु इसका सफर खत्म है। अगस्त के आखिरी दिन रिलीज हुई स्त्री ने जरूर थोड़ी हलचल मचाई परंतु कलेक्शन के लिहाज से आंकड़े बड़े नहीं रहे।
विज्ञापन
2 of 6
fanney khan
अगस्त में पांच शुक्रवारों में सितारों से सजी 10 फिल्में आईं लेकिन ज्यादातर ने न केवल कंटेंट के स्तर पर निराश किया बल्कि मनोरंजन भी नहीं कर सकीं। परिणाम, कुल कलेक्शन 280 से 290 करोड़ के बीच रहा। सबसे ज्यादा निराशा निर्देशक अतुल मांजरेकर की 'फन्ने खान' और धर्मेंद्र, सनी तथा बॉबी देओल स्टारर 'यमला पगला दीवाना फिर से' से हुई। दोनों औंधे मुंह गिरी। अगस्त के पहले हफ्ते में आई 'फन्ने खान' में अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन और राजकुमार राव जैसे सितारे थे। इस म्यूजिकल ड्रामा को दर्शकों ने खारिज किया। फिल्म वीकेंड में ही ध्वस्त हो गई। कलेक्शन केवल 10.50 करोड़ रहा। ऐश्वर्या फिल्म के प्रमोशन में नहीं उतरी और अपना पीआर अलग करती रहीं। 'फन्ने खान' के साथ आई निर्देशक अनुभव सिन्हा की ऋषि कपूर, तापसी पन्नू स्टारर 'मुल्क' ने मुस्लिम विमर्श को गर्म करने में जरूर कामयाबी पाई परंतु कमाई खास नहीं रही। फिल्म का सफर 20-21 करोड़ पर खत्म हुआ। इरफान खान लंदन में कैंसर का इलाज करा रहे हैं परंतु तीन अगस्त को उनकी 'कारवां' आई। फिल्म खास दर्शक वर्ग के लिए थी और कलेक्शन 18 करोड़ के लगभग रहा।
विज्ञापन
3 of 6
vishwaroopam 2
अगस्त में कमल हासन जैसे सितारे की 'विश्वरूप-2' भी टिकट खिड़की पर बेकार गई। हिंदी में नतीजा इतना खराब था कि पांच करोड़ रुपये भी नहीं बने। कमल हिंदी संस्करण के प्रमोशन पर कितने गंभीर थे, वह यूं पता चलता है कि मुंबई में मीडिया को दिए समय से काफी देर से पहुंचे। अत: उनके कई इंटरव्यू नहीं हुए। फिल्म इतनी लचर थी कि मीडिया शो में कई लोग बीच में चल दिए। 10 अगस्त को रिलीज हुई इस फिल्म का दुर्भाग्य था कि टिकट खिड़की पर केवल पांच दिन मिले।
4 of 6
Gold and Satyameva Jayate
15 अगस्त को 'गोल्ड' और 'सत्यमेव जयते' आई। निर्देशक रीमा कागती की 'गोल्ड' कमजोर होने के बावजूद टिकट खिड़की के 10 दिनों वाले दुर्लभ सप्ताह का फायदा उठाने में सफल रही। जॉन अब्राहम की 'सत्यमेव जयते' को भी लाभ मिला। यह मसाला फिल्म कमजोर होने के बावजूद छुट्टियों के कारण दर्शक जुटा पाई। हालांकि फिल्म उत्तर भारत और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में विफल रही। ये दोनों फिल्में तीसरे हफ्ते में हैं और इनका सफर लगभग खत्म हो चुका है। 'गोल्ड' का कलेक्शन 100 करोड़ पार है और 'सत्यमेव जयते' के 80 करोड़ के ठहरने का अनुमान है।
विज्ञापन
5 of 6
Happy Phirr Bhag Jayegi
अगस्त में निराश करने वाली एक अन्य प्रमुख फिल्म रही, 'हैप्पी फिर भाग जाएगी'। सोनाक्षी सिन्हा फिर चमक नहीं बिखेर सकीं। अली फजल, जस्सी गिल, डायना पैंटी और जिम्मी शेरगिल कुछ खास नहीं कर सके। निर्देशक मुदस्सर अजीज की यह फिल्म पिछली फिल्म से हर लिहाज से कमजोर रही। पहले हफ्ते में करीब 16.50 करोड़ से कुछ अधिक कमाने वाली फिल्म के लिए दूसरे कमजोर सप्ताहांत में आशाएं खत्म हो गई। दूसरे वीकेंड में केवल सवा करोड़ आए। हैप्पी 18 करोड़ तक जा सकेगी।
इसके साथ आई निर्देशक अनिल शर्मा की 'जीनियस' में उनके बेटे उत्कर्ष शर्मा लॉन्च हुए। उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में ही इसे सराहना मिली। अगस्त के आखिरी दिन आई 'स्त्री' और 'यमला पगला दीवाना फिर से' चमत्कार दिखाने में नाकाम रहीं। 'स्त्री' जरूर वीकेंड में बेहतर रही और कम बजट के कारण इसने लागत निकाल ली, मगर देओल पिता-पुत्रों की 'यमला पगला दीवाना फिर से' ने बुरी तरह निराश किया। 'स्त्री' की हॉरर कॉमेडी ने पहले चार दिन में करीब 25 करोड़ का बिजनेस किया परंतु देओल्स की फिल्म का कलेक्शन सात करोड़ तक ही पहुंचा। तय है कि देओल परिवार को फिल्म की लागत निकालने के लिए पिछली फिल्म की तरह सैटेलाइट और डिजिटल मार्केट के भरोसे रहना पड़ेगा।