कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष रह चुकीं सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज राजनीति में औपचारिक तौर पर एंट्री ले ली है। उन्हें कांग्रेस महासचिव का पद देने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई है। प्रियंका गांधी के कांग्रेस महासचिव बनते ही जहां राजनीतिक गलियारों में हलचल मच चुकी वहीं फिल्म इंडस्ट्री में भी उनकी चर्चा हो रही है।
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priyanka gandhi
- फोटो : file photo
बीते दिनों एक्टर अनुपम खेर की रिलीज हुई चर्चित फिल्म 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के सहायक निर्माता अशोक पंडित (Ashoke Pandit) ने भी प्रियंका गांधी वाड्रा के कांग्रेस महासचिव बनने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी और महासचिव पद पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, 'वाड्रा के बच्चों को क्यों छोड़ दिया। उन्हें भी राजनीति में आने दो। इससे यह साफ नजर आता है कि महासचिव पद के लिए किसी योग्यता या अनुभव की जरूरत नहीं है? राहुल बाबा से जो न हुआ अब दीदी करेंगे। प्रियंका की राजनीति में दस्तक।'
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द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर
अशोक पंडित के इस ट्वीट के बाद उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स भी कमेंट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। पता हो कि बीते 11 जनवरी फिल्म 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' रिलीज हुई थी। रिलीज से पहले कांग्रेस ने फिल्म को लेकर विरोध किया था।
यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र ने फिल्म को लेकर विरोध जताया था। यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र ने 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के मेकर्स को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने के मेकर्स से मांग की थी कि फिल्म को रिलीज से पहले उन्हें दिखाया जाए और तथ्यों को गलत तरीके से दिखाई गईं चीजों को हटाया जाए।
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the accidental prime minister
- फोटो : social media
इसके अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने अनुपम खेर व अक्षय खन्ना समेत 15 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए थे। याचिका दायर करने वाले वकील सुधीर कुमार ओझा ने अनुपम खेर(फिल्म में डॉ. मनमोहन सिंह), अक्षय खन्ना(फिल्म में संजय बारू), निर्माता हंसल मेहता, निर्देशक विजय, अभिनेत्री अहाना कुमारी, सुजैन, राम अवतार भारद्वाज, दिव्या सेठ, अर्जुन माथुर समेत 15 लोगों पर केस दायर किया था।
पता हो कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े काफी मामले सामने आए थे। साथ ही, ये भी आरोप लगे कि मनमोहन सिंह को एक घटनाक्रम के द्वारा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर भेजा गया। उन्हें बहुत बार विपक्षी पार्टियों ने रिमोट कंट्रोल वाला प्रधानमंंत्री भी बताया था। मनमोहन सिंह का कार्यकाल साल 2004 से लेकर 2014 तक रहा था। उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री यूपीए 1 और 2 का नेतृत्व किया था।