दक्षिण भारत में एक बार फिर से क्षेत्रीय भाषा वर्सेस हिंदी की लड़ाई जोर पकड़ रही है। कर्नाटक में इस बाबत प्रदर्शनों के बाद अब एक बड़े तमिल स्टार ने ये कहकर सनसनी मचा दी है कि अगर उसे नेशनल अवॉर्ड भी दिया जाता है, तो भी वो उसे नहीं लेगा। जानें, किसने उठाया ये बड़ा कदम...
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विजय सेतुपति
तमिल सिनेमा में अबतक 24 फिल्में दे चुके विजय सेतुपति की फिल्म 'करुप्पन' के नेशनल अवॉर्ड की रेस में आगे होने की बाते सामने आ रही है। इस फिल्म में सेतुपति ने ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित भूमिका निभाई है। इस फिल्म के देशी कलेवर को देखते हुए इसके आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पर इस फिल्म के साथ ही उन्होंने एक बड़े मुद्दे को उछाल दिया...
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विजय सेतुपति
विजय सेतपति ने 'करुप्पन' को लेकर प्रेस कांफ्रेंस के समय जब पूछा गया कि अगर आपकी फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिलता है, तो क्या वो इसे स्वीकार करेंगे? इसके जवाब में विजय ने कहा कि अभी इस सवाल की जरूरत नहीं थी। अभी फिल्म का सेलेक्शन नहीं हुआ है। पर मैं बिना एक सेकंड सोचे भी ये बात साफ कर देता हूं कि मैं नेशनल अवॉर्ड नहीं लूंगा। आगे जानें, क्या कहा विजय ने...
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विजय सेतुपति
मक्कल सेलवन के उपनाम से जाने जाने वाले विजय सेतुपति ने कहा कि मैं तमिलों के साथ हूं। मेरे लोग, मेरा राज्य मेरे लिए ज्यााद इम्पोर्टेंट है। हमें केंद्र सरकार अलग थलग कर रही है। मैं अपनी तमिल भाषा को लेकर बेहद चिंतित हूं। उन्होंने बताया, किस तरह से तमिल लोगों और तमिल भाषा के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है केंद्र सरकार...
मक्कल सेलवन विजय सेतुपति ने कहा कि तमिल भाषा को ट्रेन के टिकट तक से हटा दिया गया। इससे मुझे बेहद गुस्सा आया। मैं हमेशा रिएक्ट करने में यकीन रखता हूं। सिर्फ इमोशनल नहीं होता। अब विजय अपनी आने वाली फिल्म 'जुंगा' की शूटिंग में लग जाएंगे।
Jr. NTR की 'जय लव कुश' ने तोड़े बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड, कलेक्शन 100 करोड़ के पार
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