फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीड़ हिंसा पर आया स्वरा भास्कर का बयान, बोलीं- 'ये महामारी बन चुकी है और फैलती जा रही है'

Thu, 25 Jul 2019 12:24 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
स्वरा भास्कर - फोटो : Twitter
देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही भीड़ हिंसा से चिंतित फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस मामले में अब बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर का बयान भी सामने आया है। स्वरा विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपने मन की बात कहने के लिए जानी जाती है। ANI से बातचीत में स्वरा ने 49 हस्तियों का समर्थन किया है।

विज्ञापन

2 of 5
स्वरा भास्कर - फोटो : Twitter

स्वरा ने इस मामले में अपनी राय जाहिर करते हुए कहा है कि 'मॉब लिंचिंग आज देश में एक महामारी बन गई है जो फैलती जा रही है और मुझे नहीं लगता कि हम अपने चेहरे को किसी कठोर वास्तविकता से दूर कर सकते हैं। इसका गलत मतलब निकालने का कोई मतलब नहीं है।'

विज्ञापन

3 of 5
स्वरा भास्कर - फोटो : Twitter

स्वरा ने कहा- 'मेरा मानना है कि यह बहुत सराहनीय है कि हमारे देश में कलाकार, फिल्म निर्माता, लेखक लगे हुए हैं और समाज में जो कुछ भी हो रहा है उससे प्रभावित हैं। हमें एक मजबूत कानून की जरूरत है। मैं पिछले 3-4 वर्षों से भीड़ की हिंसा, भीड़ के मुद्दे पर बात करने की कोशिश कर रही हूं और यहां तक कि मानव सुरक्षा कानून के लिए भी कहा गया है। लेकिन यह दुखद है कि चीजें सुधरने के बजाय और खराब हो गई हैं।'

4 of 5
स्वरा भास्कर

स्वरा ने कहा, यह बहुत जरूरी है कि जहां इस तरह की घटनाएं होती हैं वहां के जिला अधिकारी इस मामले में पूरा ध्यान रखें। मुझे विश्वास है कि जो पीएम ऐसा करने की शक्ति रखते हैं, वे इस मामले को देखेंगे। हम एक ऐसे लोकतंत्र में रहते हैं जहां हर विचारधारा का स्वागत है। ये बात स्वरा ने 49 हस्तियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने पर कही।

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

बता दें भीड़ हिंसा से चिंतित अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। चिठ्ठी में लिखा गया है, ''अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं। एक जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के बीच 254 धार्मिक पहचान आधारित हिंसा दर्ज की गई है। जबकि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं। पीएम को लिखी चिठ्ठी में लिखा गया है, ''अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं।''

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें