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Sushant Singh Rajput Case:जानें किसकी क्या थी दलील, रिया की ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Tue, 11 Aug 2020 05:47 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के मामले में मंगलवार को एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुनवाई की। इस मामले में रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट ने आज सुनवाई की। कोर्ट में बिहार सरकार की ओर से वकील बरिंदर सिंह, महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी, रिया चक्रवर्ती की ओर से वकील श्याम दीवान और सीबीआई की ओर से सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी-अपनी दलीलें रखी हैं। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि किस पक्ष ने अपनी दलील में क्या कहा। 
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सुशांत सिंह राजपूत-रिया चक्रवर्ती (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
रिया चक्रवर्ती के पक्षकार वकील श्याम दीवान ने अपनी दलील में कहा-
इस मामले का संबंध पटना से नहीं है। जब घटना मुंबई में हुई तो मामला पटना में क्यों दर्ज किया गया। पटना में एफआईआर दर्ज कराना कानूनी रूप से गलत है। घटना के 38 दिन बाद पटना में दर्ज की गई एफआईआर में पक्षपात होने का शक है, इसलिए इस मामले की जांच मुंबई पुलिस को ही करवाई चाहिए। वहीं पटना पुलिस एफआईआर दर्ज करने में हिचक रही थी लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और संजय झा के दबाव में आकर दर्ज की गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने श्याम दीवान से पूछा कि क्या आप चाहते हैं कि इस मामले की जांच सीबीआई करे ? इसके जवाब में श्याम दीवान ने कहा कि पहले इस मामले को मुंबई पुलिस करे, इसके बाद सीबीआई जांच की बात की जाएगी।
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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील में कहा-
रिया चक्रवर्ती की ओर से वकील श्याम दीवान के बाद महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील रखते हुए कहा कि बिहार में एफआइआर दर्ज करने को गलत बताया। ऐसे करना संघीय ढांचे को खत्म करने की कोशिश है। एक ट्रांसफर याचिका को लेकर इतना हो हल्ला हमने अब तक नहीं देखा। सिंघवी ने अपनी दलील में कहा है कि बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए यह सब हो रहा है। सीबीआई जांच का आदेश हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकता है या जिस राज्य में यह घटना हुई है वह राज सरकार सीबीआई जांच की मांग कर सकती है। यहां यह भी सवाल है कि क्या एकल पीठ किसी भी मामले को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर कर सकती है?

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सुशांत सिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह ने अपनी दलील में कहा-
मनिंदर सिंह ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में पटना में एफआईआर दर्ज कराना जरूरी था। यह पता लगाने की जरूरत है कि उनकी हत्या हुई थी या उसने आत्महत्या की थी। इतने दिनों बाद भी मुंबई पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। राजनीतिक दबाव बिहार नहीं बल्कि महाराष्ट्र में है, इसी वजह से अब तक मुंबई में एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। महाराष्ट्र सरकार आखिर क्या छुपाना चाह रही है? शुरुआती छानबीन के स्तर पर क्षेत्र अधिकार का मसला नहीं उठाया जा सकता। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट सौंप नहीं दी जाती तब तक मुकदमे को ट्रांसफर की अर्जी दाखिल नहीं की जा सकती।
 
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सुशांत सिंह राजपूत और रिया चक्रवर्ती - फोटो : सोशल मीडिया
सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील विकास सिंह ने अपनी दलील में कहा- 
सुशांत सिहं राजपूत के पिता केके सिंह सिर्फ इस मामले में से ट्रायल चाहते हैं। मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। मुंबई पुलिस जांच को दूसरी दिशा में ले जा रही है। मुंबई पुलिस सभी को समन भेज चुकी है लेकिन संदिग्ध लोगों और आरोपियों को अब तक तलब नहीं किया है। रिया चक्रवर्ती ने सब कुछ कंट्रोल कर रखा था, लेकिन मुंबई पुलिस ने अब तक उनसे पूछताछ नहीं की है। वहीं कोर्ट की सुनवाई में सुशांत सिहं राजपूत के पिता ने कहा कि अहम बात यह है कि मैंने अपना बेटा खोया है। सुशांत के गले पर निशान था और उनके बहन उनसे 10 मिनट की दूरी पर रहती थी लेकिन उनके घर पहुंचने से पहले ही रूम को खोला गया, बहन के आने तक का इंतजार नहीं किया गया था।
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रिया और शौविक चक्रवर्ती - फोटो : PTI
सीबीआई के से सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील में कहा-
बिहार के एसपी विनय तिवारी को क्वारंटीन करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अगले दिन तीन अगस्त को नियम में बदलाव कर दिया था ऐसा जांच में बाधित करने के लिए किया गया था। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच में जुटी पुलिस अधिकारियों के लिए क्वारंटीन का नियम नहीं होना चाहिए। सीबीआई की ओर से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रिया चक्रवर्ती इस मामले में पीड़िता हैं या आरोपी है या शिकायतकर्ता, यह हमें नहीं पता लेकिन रिया ने जिस दिन सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की याचिका दायर की, उस वक्त उसके खिलाफ मुंबई में कोई भी मुकदमा लंबित नहीं था। मुंबई पुलिस के हलफनामे से लगता है कि वह मानकर चल रही है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी। आपको बता दें कि करीब तीन घंटे चली मैराथन सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती की ट्रांसफर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा लिया है।

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