सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह
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विकास सिंह ने आगे कहा है, 'एम्स ने अपनी रिपोर्टर तस्वीरों के आधार पर बनाई है, जो उनको सबूत के तौर पर दिए गए थे। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के शव की जांच नहीं की थी। एम्स की टीम के पास पैर का एक्स-रे नहीं था, जिसे फ्रैक्चर्ड बताया जा रहा है इसलिए यह निर्णायक रिपोर्ट नहीं मानी जा सकती ज्यादा से ज्यादा इसे केस में सुबूत के तौर पर रखा जा सकता है।'