फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुशांत सुसाइड केस: ड्रग्स मामले में दाखिल होंगी नई याचिकाएं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदला नजारा

Fri, 30 Oct 2020 08:23 PM IST
Mishra Mishra अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 6
सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मादक पदार्थों की तस्करी और उनकी रोकथाम के लिए देश में काम करने वाली एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के मुंबई कुछ अफसरों के कथित रूप से सारे किए धरे पर सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले ने पानी फेर दिया है। इन अफसरों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कुछ नामचीन लोगों को अपने दफ्तर में बुलाकर जिन सबूतों के आधार पर परेड कराई थी, उन सबूतों को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने इस फैसले से राहत की सांस ली है।
विज्ञापन

2 of 6
रिया चक्रवर्ती - फोटो : पीटीआई
उदीयमान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या मामले में सीबीआई के दखल देने के साथ ही मादक पदार्थों के सेवन और इनकी तस्करी का मामला जुड़ गया था। सुशांत की करीबी दोस्त रिया राजपूत, उनके भाई और तमाम और लोगों को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने इनमें से जिन आरोपियों के पास से नशीले पदार्थों की बरामदगी दिखाई, वे अभी हिरासत में हैं लेकिन जिनको सिर्फ दूसरे के कहने भर पर गिरफ्तार कर लिया गया, वे जमानत पर छूट चुके हैं, जिनमें रिया चक्रवर्ती भी शामिल है।
विज्ञापन

3 of 6
सारा अली खान, दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर - फोटो : इंस्टाग्राम: saraalikhan95, deepikapadukone, shraddhakapoor
किसी आरोपी के एनसीबी के सामने किसी दूसरे के बारे में कुछ कह देने भर से ही अब तक दूसरे को आरोपित मान लिया जाता रहा है। इसी आधार पर एनसीबी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय के कुछ अधिकारियों ने दीपिका पादुकोण से लेकर सारा अली खान तक और भी न जाने कितने लोगों को अपने दफ्तर हाजिर होने का हुक्म सुनाया। दूसरे शहरों से भाग भागकर लोग एनसीबी के दरबार में हाजिर हुए लेकिन सबूत किसी के खिलाफ कुछ नहीं निकला। इसके बाद कुछ बड़े सितारों के नाम भी इसमें उछाले गए।

4 of 6
करण जौहर - फोटो : फाइल
नामी गिरामी फिल्म निर्माता करण जौहर के साथ काम कर चुके एक कर्मचारी ने तो बाकायदा सुनवाई के दौरान ही एनसीबी अफसरों पर आरोप लगा दिया कि उस पर करण जौहर का नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है। दीपिका का नाम भी बार बार उनकी मैनेजर के साथ उछल रहा है जबकि दीपिका के करीबी कहते हैं कि मैनेजर के कार्यों के लिए कोई सितारा कैसे दोषी हो सकता है और जब भी करिश्मा का नाम सामने आता है, दीपिका का नाम एक साजिश के तहत खबरों में उछाल दिया जाता है।
विज्ञापन

5 of 6
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : फाइल
लेकिन, मुंबई फिल्म इंडस्ट्री का ये सारा तनाव सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ के गुरुवार को आए फैसले के बाद काफी कुछ कम हो गया है। न्यायालय ने साफ कहा कि किसी जांच एजेंसी के अधिकारी के सामने दिए गए किसी आरोपित के बयान का कोई कानूनी आधार नहीं है और इसे किसी दूसरे आरोपित के खिलाफ सबूत के तौर पर उपयोग नहीं किया जा सकता। मुंबई की एनसीबी टीम अपनी सारी पूछताछ इसी आधार पर करती रही है और सितारों को अपने दरबार में हाजिरी देने का फरमान भी वह इसी आधार पर देती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सतीश मानेशिंदे, रिया चक्रवर्ती - फोटो : एएनआई
रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानेशिंदे ने सर्वोच्च न्यायलय के इस फैसले को एक दूरगामी असर वाला फैसला बताते हुए कहा कि इसकी नजीर आने वाले दिनों में दी जाया करेगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ इस बिंदु को आधार बनाकर लोगों को प्रताड़ित और परेशान किया गया। जबरन हासिल किए गए बयानों के आधार पर लोगों को गिरफ्तार किया गया। यही नहीं इस फैसले के बाद रिया चक्रवर्ती के खिलाफ चल रहे मामले में भी एनसीबी की भरी गई सारी हवा अब निकल चुकी है। इस बारे में अब आरोपितों की तरफ से नई याचिकाएं भी दाखिल होने वाली हैं।

पसंदीदा खाने से मनपसंद किरदार तक, जानिए ऐश्वर्या राय बच्चन से जुड़ी कुछ खास बातें

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें