सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
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इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है। कहा जा रहा है कि केवल एक आदमी है जिसने डेड बॉडी को लटके देखा और उसने ही डेड बॉडी को उतारा भी। ऐसे में डेड बॉडी कहां और कैसे लटकी हुई थी उसके पैर कहां पर थे, इन बातों को समझने के लिए भी सीबीआई को मशक्कत करनी पड़ेगी। साथ ही मौका ए वारदात से भी सभी सबूत, फिंगर प्रिंट्स आदि मिट चुके हैं, तो ये भी सीबीआई के लिए एक बड़ी चुनौती है। 60 दिन बाद मामले की जांच शुरुआत से करना और अब तक जो भी जांच हुई है उस पर भी नजर बनाए रखना टीम के लिए अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।