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लाल किले पर हुई हिंसा के मास्टरमाइंड से सनी देओल ने झाड़ा पल्ला, कहा- दीपू सिद्धू से कोई संबंध नहीं

Wed, 27 Jan 2021 12:14 PM IST
प्रतीक्षा राणावत मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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सनी देओल, दीप सिद्धू - फोटो : Twitter
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा में अपना नाम आने पर अभिनेता और पंजाब के गुरदासपुर से सांसद सनी देओल ने सफाई दी है। उन पर आरोप है कि इस हिंसा के मास्टर माइंड रहे अभिनेता दीप सिद्धू उनके करीबी रहे हैं। सनी देओल ने 26 जनवरी की शाम को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर यह साफ कर दिया है कि दीपू सिद्धू से उनका या उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है।
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सनी देओल - फोटो : instagram/iamsunnydeol
सनी देओल ने गणतंत्र दिवस पर शाम को एक ट्वीट करते हुए लिखा, 'आज लाल किले पर जो हुआ, उसे देखकर मन बहुत दुखी हुआ है। मैं पहले भी 6 दिसंबर को ट्विटर के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नहीं है। जय हिंद।' दीप सिद्धू के साथ सनी देओल का नाम इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि दीप खुद को सनी का चचेरा भाई बताते हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सनी के प्रचार प्रसार में भी दीप उनके साथ रहे।

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दीप सिद्धू - फोटो : Social Media
दीप सिद्धू का नाम इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में इसलिए है क्योंकि गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने दिल्ली के लाल किले पर चढ़कर पीले रंग का झंडा फहराया। इस दौरान किसानों के रूप में आए प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर से आईटीओ पर बैरिकेड भी तोड़ डाले और खूब हंगामा मचाया। इस पर पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद दीप बहुत से लोगों के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं और सब का निशाना दीप पर ही है।

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दीप सिद्धू के साथ सनी देओल के परिवार की तस्वीरें - फोटो : ट्विटर
दीप इस घटना के इस समय अकेले दोषी हैं क्योंकि उनकी जिम्मेदारी लेने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। सनी देओल के इस बयान के बाद भाजपा ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं वहीं कांग्रेस ने भी कह दिया है कि इस उपद्रव के पीछे सिख फॉर जस्टिस का हाथ है। दीप खालिस्तानी हैं और उन्होंने ही यह साजिश रची। कांग्रेस के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा है कि लाल किले पर जो झंडा फहराया गया, वह सिख झंडा नहीं था। वह झंडा केसरी होता है। जबकि, दीप ने झंडा पीला फहराया है। जिन्होंने लाल किले पर कब्जा किया, वह उपद्रवी थे, खालिस्तानी थे। इसमें कोई भी किसान शामिल नहीं था।
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Deep sidhu - फोटो : इंस्टाग्राम
दीप सिद्धू पंजाब के मुक्तसर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने 2015 में पहली पंजाबी फिल्म 'रमता जोगी' में काम किया था। हालांकि, उन्हें प्रसिद्धि तो वहां से मिली जब 2018 में उनकी फिल्म 'जोरा 10 नंबरिया' रिलीज हुई। इस फिल्म में वह एक गैंगस्टर बने। जब दीप सनी के प्रचार प्रसार में जुटे तो उन्हें आरएसएस और भाजपा का आदमी बताया गया। हालांकि, खुद दीप ने ही इस बात से इंकार कर दिया था। गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हुई इस हिंसा के बारे में दीप सिद्धू ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि उन्होंने प्रदर्शन के अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत निशान साहिब का झंडा लाल किले पर फहराया था लेकिन भारतीय झंडे को उन्होंने हटाया नहीं। अब इस मामले की पूरी जांच करवाने की मांग उठ रही है।

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