ये हफ्ता सिनेमा का हफ्ता है। पहले ही दिन यश चोपड़ा का जन्मदिन, सोमवार को लता मंगेशकर की सालगिरह होगी। फिर महमूद, एस डी बर्मन और ऋषिकेश मुखर्जी की यादों का सिलसिला भी हमें हिंदी सिनेमा के बीते कल की तरफ ले ही जाएगा। इस सबके बीच याद आती रहती हैं, वे फिल्में जिन्होंने हिंदी सिनेमा को किसी मोड़ पर, किसी रास्ते में कोई न कोई शक्ल देने का जतन जरूर किया है। 70, 80 और 90 के दशक के सिनेमा के इस सफर पर बीते हफ्ते मैंने जिन फिल्मों के किस्से आपको सुनाए, उन्हें एक साथ एक ही गुलदस्ते में फिर से पिरो लाया हूं, खास आपके लिए। ‘बाइस्कोप’ को आपका प्यार लगातार मिल रहा है, इसके लिए मैं आपका दिल से आभारी हूं। सिलसिला जारी है..