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Sudha Chandran: जज्बे और जुनून से सुधा चंद्रन ने जीती जिंदगी की जंग, 16 साल की उम्र खो बैठी थीं अपना पैर

Wed, 27 Sep 2023 09:24 AM IST
पलक शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सुधा चंद्रन - फोटो : अमर उजाला
एक सपनों से भरी लड़की एक सफर करने निकली, लेकिन उस सफर में उनके साथ कुछ ऐसा होता है जिसने उसकी पूरी जिंदगी को मिनटों में बदलकर रख दिया था। हालांकि, उस लड़की ने इस हादसे से हार न मानकर और अपने जुनून से जीत हासिल कर इतना नाम कमाया कि बुलंदियों को छुआ। सुनने में यह कहानी किसी फिल्म की लगती है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह एक एक्ट्रेस की रियल लाइफ स्टोरी है। यह कहानी है उस अभिनेत्री के जूनून और कभी हार न मानने वाले जज्बे की है, जिसने हर मुश्किल से लड़ते हुए ग्लैमर वर्ल्ड में अपना नाम बनाया। यह कहानी है 27 सितंबर 1965 को जन्मीं सुधा चंद्रन की, जो आज 58 साल की हो चुकी हैं। 
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सुधा चंद्रन - फोटो : social media
सुधा चंद्रन फिल्मों और टीवी का जाना पहचाना नाम हैं।  80-90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने साल 1984 में फिल्म 'मयूरी' से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था। तेलुगु में बनी 'मयूरी' की खास बात यह थी कि यह फिल्म सुधा चंद्रन की जिंदगी पर ही आधारित थी। बाद में यह फिल्म तमिल, मलयालम में डब की गई थी और हिंदी में भी इसका रीमेक बना था, जिसका नाम 'नाचे मयूरी' बना। इस फिल्म में आने से पहले ही सुधा चंद्रन की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे ने बदल दी थी। दरअसल, 1981 में सुधा चंद्रन एक बस में सफर कर रही थीं, जिसका एक्सीडेंट हो गया था।  
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सुधा चंद्रन
इस एक्सीडेंट में सुधा चंद्रन के पैरों को बहुत क्षति पहुंची थी, जिसके चलते उनकी पूरी जिंदगी पर बन आई थी। बताया जाता है कि महज 16 साल की उम्र में हुए इस एक्सीडेंट के कारण सुधा चंद्रन के पैर में गैंगरीन हो गई थी। यह इतनी ज्यादा फैल गई थी कि डॉक्टर्स के पास पैर काटने के अलावा और कोई चारा नहीं था। ऐसा ही हुआ डॉक्टर्स ने सुधा का पैर काट दिया था, जिसके बाद उनका डासिंग करियर खत्म समझा जाने लगा था। लेकिन कहते हैं न जहां चाह वहां राह है, सुधा ने नकली पैर लगाकर डांसिंग के साथ ही फिल्मों और टीवी में भी खूब नाम कमाया।   

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सुधा चंद्रन - फोटो : सोशल मीडिया
सभी को विश्वास था कि सुधा चंद्रन अब कभी भी स्टेज पर डांस नहीं कर पाएंगी, लेकिन उन्होंने अपने जुनून से अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और वह कर दिखाया जिसका किसी को यकीन नहीं था। सुधा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें आर्टिफिशियल पैर और फिजियोथैरपी की मदद से करीब तीन साल में वह चलना सीख पाई थीं। इसी नकली पैर की बदौलत सुधा ने सिनेमा और डांस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। सुधा 90 के दशक से टीवी इंडस्ट्री में एक्टिव हैं।
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सुधा चंद्रन - फोटो : सोशल मीडिया
सुधा चंद्रन 'बहुरानियां', 'चंद्रकांता', 'कभी इधर कभी उधर', 'चश्मे बद्दूर', 'अंतराल', 'कैसे कहूं', 'कहीं किसी रोज', 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी, 'कस्तूरी', 'अदालत' और 'नागिन' जैसे कई टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में भी काम किया है, जिनमें 'कुर्बान', 'शोला और शबनम', 'हम आपको दिल में रहते हैं', 'मालामाल वीकली' और 'अनुभव' का नाम शामिल है। सुधा चंद्रन अभी भी इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। 
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