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'सेक्रेड गेम्स 2' में ऐसा है कल्कि का किरदार, इंटरव्यू में अभिनेत्री ने वेब सीरीज के खोले कई राज

Mon, 12 Aug 2019 12:07 PM IST
anand anand मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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Kalki Koechlin - फोटो : amar ujala mumbai
कल्कि को उनके पूरे नाम कल्कि केकलां से पुकारो तो वह खुश हो जाती हैं। कहती भी हैं कि पता नहीं हिंदी में लोग मेरा नाम क्या क्या लिखते रहते हैं, कभी कोएकलिन तो कभी कोएचलिन वगैरह वगैरह। साल की सबसे ज्यादा प्रतीक्षित वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स सीजन 2 के काउंट डाउन में मिलिए कल्कि से और जानिए उनके किरदार के बारे में।

सेक्रेड गेम्स सीजन 2 के जो तीन एपीसोड अमर उजाला को देखने को मिले हैं, उनमें आपका किरदार ओशो की सहायिका रहीं मां शीला के किरदार से काफी प्रेरित दिखाई देता है, क्या वाकई ऐसा है?

इस किरदार को पाने के लिए मुझे ऑडीशन देना पड़ा। तो जब ऑडीशन की बारी आई तो मुझे एक सीन दिया गया जहां मैं पहली बार सरताज से मिलती हूं और उसे आश्रम के बारे में बताती हूं। उस वक्त तक मेरे पास पूरी स्क्रिप्ट नहीं थी, तब मुझे मां शीला के बारे में बताया गया था। मैंने ओशो पर बनी वाइल्ड वाइल्ड कंट्री देखी है। जब मैंने ऑडीशन दिया था तो उस वक्त मेरे बाल भी बहुत कुछ मां शीला जैसे ही थे।
 
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Saif and Kalki - फोटो : amar ujala mumbai
सेक्रेड गेम्स के पहले सीजन में आप नहीं थीं, एक हिट वेब सीरीज के दूसरे सीजन में आने का कोई दबाव आपने महसूस किया?

दबाव तो था लेकिन सिर्फ ऑडीशन में चुने जाने का। पहला ऑडीशन देने के बाद मुझे चार हफ्ते बाद दूसरे ऑडीशन के लिए बुलाया गया। एक बार मुझे चुन लिया गया तो फिर सब कुछ मुझे स्क्रिप्ट के हिसाब से ही करना था। एक बार पूरी कहान की गुत्थी समझ आ गई तो फिर कोई दबाव नहीं था क्योंकि इस सीरीज में एक साथ इतना कुछ हो रहा है कि पहले उसे समझना जरूरी था।
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कल्कि कोचलिन - फोटो : file photo
आप लेखक भी हैं, निर्देशक भी हैं तो क्या अभिनय करते समय भी आपके दिमाग में किसी दृश्य को करते समय उसमें कुछ जोड़ने का जतन चलता रहता है?

मैं सेट पर जब कलाकार की हैसियत से होती हूं तो ज्यादा नहीं सोचती। हां, शूटिंग शुरू करने से पहले मेरे पास बहुत सारे सवाल होते हैं और उन सारे सवालों के जवाब मैं अपने निर्देशक से मांगती भी हूं। सेक्रेड गेम्स में मेरी रिसर्च पंकज त्रिपाठी का किरदार है। बस मैंने उसे ही पकड़े रखा। मैं उनकी सहायिका हूं जो आगे चलकर बहुत कुछ बदल देने वाली है।

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sacred games 2 - फोटो : netflix
हिंदी सिनेमा के दर्शकों को आपकी भोली सूरत से काफी लगाव है, मां शीला जैसा षडयंत्रकारी किरदार उन्हें झटका तो नहीं देगा?

नहीं, ऐसा नहीं है। मेरी भोली सूरत के अलावा भी हिंदी दर्शकों ने मेरे अलग रूप देख रखे हैं। ये जवानी है दीवानी में मेरा किरदार वह देख चुके हैं। फिल्म शैतान में भी मेरे अलग रूप को उन्होंने पसंद किया। तो सेक्रेड गेम्स सीजन 2 में बत्या का मेरा किरदार भी उन्हें पसंद जरूर आएगा।
 
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Sacred Games Season 2 star cast - फोटो : amar ujala mumbai
सेक्रेड गेम्स के दोनों निर्देशकों अनुराग कश्यप और नीरज घेवन की तुलना आप कैसे करती हैं?

अनुराग का अपना अलग स्टाइल है। वह आखिरी समय पर कुछ भी बदल सकते हैं। नीरज का काम करने का तरीका ज्यादा व्यस्थित है। अनुराग अपने कलाकारों को समझते भी रहते हैं और उनकी व्यक्तिगत खूबियों को किरदारों में डालने के उस्ताद माने जाते हैं। जैसे मैं सेक्रेड गेम्स की शूटिंग के दौरान कागज के पक्षी (ओरिगामी) बना रही थी तो उन्होंने इसे मेरे किरदार के साथ जोड़ दिया।
 
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