फिल्म मिर्ज़्या के बाद निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा को तीन साल लग गए किसी नई फिल्म को दर्शकों तक लाने में। 'रंग दे बसंती' और 'भाग मिल्खा भाग' जैसी फिल्में बनाने वाले इस मशहूर निर्देशक से खास मुलाकात।
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Mere Pyare Prime Minister
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इन दिनों सरकार का काम फिल्ममेकर्स को करना पड़ रहा है, क्यों?
सिनेमा एक माध्यम है। मैं अपनी फिल्मों के जरिए लोगों तक अपनी सोच पहुंचाना चाहता हूं। ऐसा नहीं हैं कि मेरी सारी फिल्में किसी संदेश के साथ ही थीं। पर रंग दे बसंती की बात करें तो उसमें मिग 21 के क्रेश का किस्सा मैने दिखाया क्योंकि मैं एयरफोर्स स्कूल से पढ़ा और बचपन से ही मैंने मिग 21 देखे हैं। जब मुझे उनके क्रैश होने की खबर मिली मैंने उस पर फिल्म बनादी।
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मिर्ज़्या को कामयाबी नहीं मिली, उसके बाद आपने किसी बड़े कलाकार को अपनी अगली फिल्म में क्यों नहीं लिया?
वह फिल्म तो बिलकुल नहीं चली। दूसरे शो में ही इसका पता चल गया था। बड़े एक्टर की बात जो आपने की है, तो इस फिल्म में मुझे जो दिखाना था, उसे दर्शाने के लिए मुझे कुछ अलग लोग चाहिए थे। मैं नहीं चाहता था कि लोगों को कोई गलत संदेश पहुंचे। फिल्म में तीन बच्चे तो जहां शूटिंग हुई वहीं की झोपड़पट्टियों से लिए गए हैं।
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मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर की कहानी को लेकर हुआ विवाद अब खत्म हो चुका है, आपको इस विषय की प्रेरणा कहां से मिली ?
मैं भाग मिल्खा भाग की शूटिंग कर रहा था। आधी रात के बाद दो या तीन बजे की बात होगी। फिल्म सिटी की आरे मिल्क कॉलोनी से मैं गुज़र रहा था तो जैसे ही मोड़ आया और मेरी गाड़ी मुड़ी तो गाड़ी की लाइट सड़क किनारे बैठी 10-12 महिलाओं पर पड़ी। सारी महिलाएं एकदम से खड़ी हो गईं। मुझे लगा मैं शर्म से वहीं गड़ गया। उस दुखद एहसास को बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। इसी सीन के साथ मैने फिल्म की ओपनिंग की है।
मेरा आने वाला प्रोजेक्ट तूफान है जिसमें फरहान अख्तर एक बॉक्सर की भूमिका निभा रहे हैं। प्री प्रोडक्शन शुरू हो चुका है, शूटिंग अगस्त में चालू हो जाएगी। यह एक रोमांटिक फिल्म है जो मध्यम वर्ग से निकले बॉक्सर की ज़िंदगी को अलग नजरिए से दिखाएगी।