प्रवासी मजदूरों के मददगार के रूप में चर्चित हुए अभिनेता सोनू सूद ने भीतरी और बाहरी की मौजूदा बहस में थोड़ा और वजन बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों के खानदान फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखते हैं, उनके बच्चों को सफलता थोड़ा जल्दी मिल जाती है लेकिन, बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति को बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं।