सोनू सूद
- फोटो : Social Media
आगे सोनू ने कहा कि, 'हमने करीब 7.26 लाख लोगों को उनके घर पहुंचाया। इन मजदूरों के चलते ही हमें बहुत सी सुविधाएं मिलती हैं, इसलिए ये ही हमारे असली हीरो हैं। उन्हें घर पहुंचाना मेरी जिंदगी का सबसे सुखद एहसास था'। सोनू ने कहा कि मजदूरों के घर पहुंचाने के बाद उन छात्रों के मदद के फोन आने लगे जो विदेश में फंसे हुए थे। इसके बाद हमने उज्बेकिस्तान, कजाकस्तान, जॉर्जिया, रसिया और फिलीपींस जैसी जगहों से करीब साढ़े 14 हजार छात्रों को बाहर निकाला।