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दिल्ली की खराब हालत: सोनू सूद ने बताई स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई, बोले- मदद मांगने वाले 70% यहीं से हैं

Tue, 04 May 2021 11:03 AM IST
अमरीन हुसैन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सोनू सूद - फोटो : Social media

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तेजी से पैर पसार चुके खतरनाक संक्रमण की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोग अस्पताल, बेड, ऑक्सीजन और आईसीयू के लिए परेशान हैं। राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में कई लोग अपने-अपने तरीके से मदद कर रहे हैं। अभिनेता सोनू सूद कोरोना मरीजों और पीड़ितों की सहायता में लगातार एक साल से लगे हुए हैं। लगातार सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक मदद पहुंचाने वाले सोनू ने अब दिल्ली के हेल्थ सिस्टम की हालत बताई है।

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सोनू सूद - फोटो : Insatagram- @sonu_sood

अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर एक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ‘मुझसे आज 27538 लोगों ने ऑक्सीजन, बेड और दवाइयों के लिए मदद मांगी। इनमें से 70% दिल्ली से थे। 20% उत्तर प्रदेश और 10% लोग पूरे भारत से। इसे खत्म होना चाहिए।’
 

 

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सोनू सूद - फोटो : Insatagram- @sonu_sood

बता दें कि सोनू सूद ने इससे पहले भी एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने सरकार से आगे आने की अपील की थी। वे लगातार लोगों तक सहायता पहुंचा रहे हैं लेकिन इस दौरान कुछ लोगों के छूट जाने का उनको मलाल भी है। इसके लिए उन्होंने एक वीडियो शेयर कर सभी राज्य सरकारों से आगे आने की अपील की थी।

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सोनू सूद - फोटो : instagram/sonu sood

अभिनेता सोनू सूद ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा 'नमस्कार मैं आपसे एक छोटा सा किस्सा शेयर करना चाहता हूं। कल रात तीन बजे तक मैं किसी को बेड दिलाने की कोशिश कर रहा था। हमने उसे बेड दिला भी दिया। फिर उसका संघर्ष शुरू हुआ वेंटिलेटर के लिए। सुबह तक हमने वेंटिलेटर का भी इंतजाम करवा दिया।'
 

 

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सोनू सूद - फोटो : Insatagram- @sonu_sood
सोनू ने आगे बताया कि ' फिर भी वो बच नहीं पाए। इसके बाद फिर समस्या आई अंतिम संस्कार के लिए। उनके पास पैसे नहीं थे। अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल रही थी। इसके बाद हमने उनके अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था कर दी। इस दौरान मेरे मन मे एक विचार आया। आज देश का हर इंसान चाहे वो गरीब हो या अमीर, उसका संघर्ष शुरू होता है घर से। उसके बाद ऑक्सीजन, फिर अस्पताल, फिर बेड, फिर आईसीयू, वेंटिलेटर और श्मशान तक यह जारी रहता है। मेरी सभी सरकार से अपील है कि वो कोई ऐसा नियम बनाएं कि अंतिम संस्कार में पैसा न लगे। यह सेवा सभी के लिए जल्द उपलब्ध कराई जाए।’
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