सोनू सूद
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अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में सोनू सूद ने बताया कि उन्हें जब प्रवासी मजदूरों के दर्द का पता चला तो उन्होंने मुंबई के सभी प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने का जिम्मा उठा लिया। इस मुहिम की शुरुआत कर्नाटक के तीन सौ लोगों से की। उसके बाद वो उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार सहित दूसरे राज्यों के अब तक बारह हजार लोगों को उनके घर भेज चुके हैं।