सुरेश वाडेकर
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अशांति क्यों फैलाते हैं लोग?
सुरेश वाडेकर कहते हैं, ‘मैं ईमानदारी से बोलूं तो इन सब चीजों में न तो मुझे कोई दिलचस्पी है और न ही मैं कोई प्रतिक्रिया देना चाहता हूं। क्योंकि, ये मेरा विषय नही है। पता नही लोग बैठे बैठे क्या सोच कर ऐसा करते हैं, जिसकी वजह से थोड़ी बहुत अशांति हो जाती है। इससे किसी को कुछ हासिल तो होता नहीं है।'