amitabh bachchan
‘पैराडाइज टावर्स’ लिखने का विचार कैसे आया, यह पूछे जाने पर श्वेता ने कहा, ‘मैं अपने दादा के सान्निध्य में बड़ी हुई हूं, जो एक कवि और लेखक थे। लिखना और पढ़ना हमेशा से हमारे जीवन का एक बेहद अहम हिस्सा रहा है। जब मैं छोटी थी तब से मैं डायरी लिखा करती थी। मैं कहानियां भी लिखती थी, जिसे मैंने कभी किसी से साझा नहीं किया।’