आज जीवन के 33 साल पूरे कर रहीं श्रद्धा कपूर ने 'स्ट्रीट डांसर', 'छिछोरे', 'साहो' और 'स्त्री' जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई है। अमर उजाला से इस खास बातचीत में उन्होंने अपने बारे में कुछ दिलचस्प बातों का खुलासा किया।
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Shraddha Kapoor
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
'बागी 3' की रिलीज से पहले आप कितना घबराई हुई हैं?
हां, फिल्म की रिलीज से पहले का दबाव हमें थोड़ा नर्वस कर देता है। हालांकि फिल्म में मेरा किरदार काफी मजेदार है। 'छिछोरे' के बाद मैं थोड़ी आसान स्क्रिप्ट उठाना चाहती थी। वह फिल्म बहुत ही भावुक फिल्म थी जो छात्रों से जुड़े एक जरूरी विषय को उठाती है। ऐसी स्क्रिप्ट के बाद यह आसान नहीं होता कि दिमाग से उससे जुड़ी सभी चीजें निकाल दी जाए। उन्हीं दिनों मुझे 'बागी 3' मिली जिसमें मेरा बहुत ही मजेदार किरदार है।
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Shraddha Kapoor
- फोटो : amar ujala mumbai
अपने निभाए सभी किरदारों में आपका पंसदीदा किरदार कौन सा रहा है?
फिल्म 'ओके जानू' की तारा को मैं अपने काफी करीब पाती हूं। वह एक आधुनिक लड़की है लेकिन उसका विश्वास पुराने रिवाजों में भी है। वह अपने करियर को लेकर भी सोचती है साथ ही परंपराओं से भी कुछ हद तक जुड़ी हुई है। उसके अंदर दोनों ही चीजों की छवि दिखती है। 'बागी 3' की सिया का किरदार भी मुझे अच्छा लगता है। वह एक ऐसी लड़की है जो जमकर अपनी भड़ास निकालती है।
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shraddha kapoor
आपके लिए खुशी का मतलब क्या है?
लोगों को लगता है कि मशहूर होने से, पैसा होने से या फैंस होने से सभी को खुशी भी मिल जाती है। लेकिन यह सही नहीं है। खुशी अपने दिल की बात सुनने से मिलती है। फिल्म का हिस्सा बनना मेरा पैशन है। मेरी चाहत है कि मैं अपने काम के जरिए लोगों के चेहरे पर खुशी ला सकूं। ऐसे विषय को छू सकूं जो जरूरी हों। युवाओं को जागरूक कर सकूं। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि मैं अपने दिल की बात सुनूं। मेरे इर्द-गिर्द जो लोग हैं उन्हें प्राथमिकता दूं।
आपकी जिंदगी में काम और परिवार का संतुलन कैसा है?
नहीं, मैं अपनी जिंदगी में संतुलन में विश्वास रखती हूं। मेरे जिंदगी में काम का बहुत महत्व है लेकिन उसके साथ ही परिवार और दोस्तों की भी अपनी अहमियत है। मैं पर्याप्त नींद लेती हूं। संतुलित जिम करती हूं, डाइट लेती हूं और परिवार और दोस्तों के साथ समय भी बिताती हूं।