मलयालम फिल्मों के निर्माता और अभिनेता विजय बाबू ने अपने खिलाफ दायर यौन शोषण मामले में अब अग्रिम जमानत के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश थी। अभिनेता के वकील एस राजीव के माध्यम से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने उनके ऊपर जबरदस्ती से यौन शोषण करने का आरोप केवल ब्लैकमेल करने के लिए लगाए हैं।
कहा-यह सब मेरी छवि खराब करने के लिए किया गया
अब इस मामले में विजय बाबू ने अपनी याचिका में कहा कि "कि मौजूदा चलन यह है कि कोई भी व्यक्ति पब्लिसिटी पाने के लिए कोई भी किसी के खिलाफ यौन आरोप लगा सकता है और लोकप्रिय इंसान की छवि खराब करने के लिए यह सब कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने याचिका में कहा कि पुलिस भी मीडिया के दबाव के कारण मुझे गिरफ्तार करके चैप्टर को बंद करना चाहती है।
खुद को बताया निर्दोष
उन्होंने कहा कि वह निर्दोष थे लेकिन न्यूज और मीडिया के उद्देश्य से उन्हें बलि का बकरा बनाने के लिए अधिकारियों के एकतरफा रवैये से बेहद दुखी हैं। बता दें कि महिला के आरोप लगाने के बाद विजय बाबू फेसबुक लाइव में दिखाई दिए थे जहां उन्होंने खुद को निर्दोष और असली पीड़ित बताया था। विजय बाबू ने फेसबुक लाइव के दौरान ही पीड़ित के पहचान भी उजागर कर दी थी, जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए उनके ऊपर एक और मामला दर्ज किया गया है।
ये था पूरा मामला
अभिनेता विजय बाबू पर कथित रूप से एक महिला का यौन उत्पीड़न करने और फेसबुक लाइव के माध्यम से पीड़ित की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया गया है। बता दें कि विजय बाबू के प्रोडक्शन हाउस में बनी फिल्मों में दिखाई देने वाली एक महिला ने 22 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि अभिनेता ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से उसके साथ हुए शारीरिक और यौन शोषण के बारे में विस्तार से बताया था। जो उसने कथित तौर पर अभिनेता के द्वारा पिछले दिनों झेला था।