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क्रिकेटर से कैसे 'शोले के सांभा' बन गए थे मैकमोहन?, इस फिल्म की शूटिंग के बाद कभी नहीं उठ पाए

Thu, 09 May 2019 05:57 PM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Mac Mohan - फोटो : social media
शोले में सांभा का किरदार भला कौन भूल सकता है। एक्टर मैकमोहन को आज भी लोग उनके इस किरदार की वजह से जानते हैं। उनका जन्म 24 अप्रैल 1938 को कराची में हुआ था। 10 मई 2010 को बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था। रिश्ते में वो रिश्ते में एक्ट्रेस रवीना टंडन के मामा थे। जानिए उनकी जिंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से...
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mac mohan - फोटो : social media
मैकमोहन के पिता भारत में ब्रिटिश आर्मी में कर्नल थे। साल 1940 में उनके पिता का ट्रांसफर कराची से लखनऊ हो गया। उन्होंने अपनी पढ़ाई लखनऊ में ही की। मैकमोहन को बचपन से क्रिकेट का शौक था और वो क्रिकेटर बनना चाहते थे। मैकमोहन ने तो उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के लिए भी खेला था। फिर एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने तय कर लिया कि अब उन्हें क्रिकेटर बनना ही है। उन दिनों क्रिकेट की अच्छी ट्रेनिंग सिर्फ मुंबई में दी जाती थी, जिसके बाद वह साल 1952 में मुंबई आ गए लेकिन मुंबई आने के बाद जब उन्होंने रंगमंच देखा तो एक्टिंग में उनकी रुचि पैदा हुई।
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Mac Mohan
मशहूर गीतकार की पत्नी शौकत कैफी को एक नाटक के लिए दुबले-पतले शख्स की जरूरत थी। मैकमोहन के किसी दोस्त ने उन्हें इसके बारे में बताया। उन्हें पैसों की जरूरत थी लिहाजा सिर्फ थोड़े-बहुत पैसे कमाने के लिए उन्होंने शौकत कैफी से नाटक में काम मांगने के लिए मुलाकात की और यहीं से मैकमोहन का एक्टिंग करियर शुरू हो गया।

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Mac Mohan - फोटो : social media
साल 1964 में मैकमोहन ने फिल्म हकीकत से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 46 साल के करियर में उन्होंने करीब 175 फिल्मों में काम किया लेकिन उनका जो किरदार सबसे मशहूर हुआ वो फिल्म शोले का सांभा था। फिल्म में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया बच्चन, अमजद खान और संजीव कुमार जैसे बड़े नाम थे लेकिन अपने छोटे से किरदार से मैकमोहन ने हमेशा के लिए अपनी पहचान बना ली। 
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Mac Mohan - फोटो : social media
जब मैकमोहन फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे की शूटिंग कर रहे थे तो उनकी तबियत खराब हुई। मैकमोहन को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में दाखिल किया गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके फेफड़े में ट्यूमर है। इसके बाद उनका लंबा इलाज चला लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। एक साल बाद ही 10 मई 2010 को मैकमोहन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 
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