शेखर सुमन
इस पूरे मामले के बारे में शेखर सुमन ने कहा, 'मैं किसी को भी अपने करियर को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दूंगा। निर्देशक सैफ हैदर हसन ने मेरी सहमति और जानकारी के बिना पूरे नाटक को रिकॉर्ड किया है। यह कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 38ए के तहत कलाकारों के अधिकार का सरासर उल्लंघन है। क्योंकि, मैंने निर्देशक को अपना काम रिकॉर्ड करके उसे संरक्षित करने और किसी वेबसाइट पर वितरित करने का अधिकार नहीं दिया है और ना ही इस संबंध में कोई लिखित समझौता हुआ है।'