पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी को 44 हो चुके हैं। उन्होंने 25 जून 1975 को पूरे देश में इमरजेंसी लगाई थी। वहीं इमरजेंसी के 44 साल पूरे होने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन लोगों की तारीफ की है जिन्होंने इंदिरा गांधी के इस फैसले के खिलाफ 44 साल पहले आवाज उठाई थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में
- फोटो : PTI
इमरजेंसी से जुड़ा पीएम मोदी ने ट्विटर पर एक वीडियो भी शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने अपने ट्वीट में इमरजेंसी की आलोचना भी की। उनके इस ट्वीट पर मशहूर डायरेक्टर शेखर कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और उन्होंने बताया कि कैसे उनके अंकल एक्टर देव आनंद ने इंदिरा गांधी की इमरजेंसी की विरोध किया था।
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Shekhar Kapur
- फोटो : file photo
शेखर कपूर ने पीएम मोदी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा- 'सर मेरे अंकल देव आनंद और विजय आनंद उन लोगों में से थे जिन्होंने इमरजेंसी का सबसे पहले विरोध किया था। उन्होंने रैलियां कीं और इंदिरा गांधी को चुनौती भी दी कि वो उन्हें जेल भेजकर दिखाएं। उन्होंने अपना करियर और अपनी रोजी रोटी को खतरे में डालकर वो करने की जिद की जिसमें वह यकीन रखते थे। यह हौसले का एक ऐसा कदम था जिसने एक आज्ञा की अवहेलना की जिद की।'
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dev anand
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शेखर कपूर के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आपको बता दें कि इंदिरा गांधी के इमरजेंसी के फैसले को देश के लोकतंत्र में काले अध्याय के तौर पर याद किया जाता है। 44 साल पहले जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी का फैसला लिया था तो उनकी बड़े राजनेता सहित फिल्मी हस्तियों ने भी काफी आलोचना की थी।
चार सितंबर 1979 को मुंबई के ताजमहल होटल में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में ‘नेशनल पार्टी’ के गठन की घोषणा की गई। इसी के साथ पार्टी का घोषणापत्र भी जारी किया गया। इस पार्टी के अध्यक्ष थे अभिनेता देव आनंद। इस पार्टी का मुख्यालय वी. शांताराम के मुंबई के परेल स्थित राजकमल स्टूडियो में बनाया गया। हालांकि इसका सक्रिय संचालन देव आनंद के दफ्तर से ही होता था। गौरतलब है कि देव आनंद के पार्टी बनाने के इस फैसले को इंदिरा गांधी के इमरजेंसी के खिलाफ देखा गया।