शाहरुख खान
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वहीं नमिता छिब्बा के वकील के अनुसार उन्हें अभी तक इस आदेश की आधिकारिक प्रति नहीं मिली है। वहीं, सूर्यवंशी का कहना है कि आदेश अजगांवकर (निदेशकों में एक, 30 दिसंबर, 2004 से 1 अक्टूबर, 2011) के नाम पर जारी किया गया था। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि फाइन भरा गया है कि नहीं। इस मामले में शाहरुख खान यह उनके परिवार के किसी भी सदस्य की तरफ से बयान जारी नहीं किया गया है।