शब्दों के जादूगर, हिंदी सिनेमा के बेहतरीन राइटर और गीतकार जावेद अख्तर फिल्म इंडस्ट्री की उन महान हस्तियों में से एक हैं जिसने भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान दिलाई। 70 और 80 के दशक में उन्होंने सलीम खान के साथ मिलकर शोले, जंजीर, दीवार और हाथी मेरा साथी सहित कई फिल्मों के डायलॉग्स और कहानियां लिखीं। 55 साल पहले 1964 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर बहुत मुश्किल था। हाल ही में जावेद अख्तर की पत्नी और मशहूर अदाकारा शबाना आजमी ने उनके संघर्ष के बारे में बताया।