'इश्क और जंग में सब जायज है' यह कहावत बहुत पुरानी है मगर आज भी लोगों के जुबां पर रहती है। वो कहते हैं न कि प्यार कोई बंधन कोई सीमा नहीं मानता है। धर्म, जाति और मजहब की दीवार एक प्रेमी को अपनी प्रेमिका से मिलने से नहीं रोक सकती। लाख कोई कोई कोशिश कर ले मगर इश्क में घायल प्रेमी अपने प्यार की मंजिल पा ही लेता है। फिल्मों में दिखाई गई इश्क की कहानियां निजी जिंदगी में भी कभी-कभी वैसे ही होती हैं, जहां प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे के लिए हद से गुजर जाते हैं।