फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shabana Azmi Birthday: कभी पेट्रोल पंप पर बेची कॉफी, शबाना आजमी ने संघर्ष पथ पर चलकर जीत की हासिल

Mon, 18 Sep 2023 09:32 AM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

शबाना आजमी ने बचपन से ही अपने आत्मसम्मान को बरकरार रखा है। अभिनेत्री आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने रास्ते में आए संघर्ष पथ को बखूबी पार किया है। 
विज्ञापन
1 of 5
शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
80 और 90 के दशक में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वालीं दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी का आज 73वां जन्मदिन है। मशहूर शायर कैफी आजमी के घर जन्मीं शबाना ने वर्ष 1974 की फिल्म 'अंकुर' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह एक के बाद एक बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा बनती रहीं। शबाना ने अपने हर किरदार को पूरी शिद्दत के साथ निभाया है। वह हर एक भूमिका में इस कदर जंचती थीं, जैसे वह वाकई में उन्हें सोचकर ही बनाया गया हो। यही कारण है कि अपने अभिनय का लोहा मनवाते हुए शबाना पांच बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुकी हैं। शबाना एक सदाबहार अभिनेत्री होने के साथ ही एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। हालांकि, आज अभिनेत्री जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। तो आइए शबाना के जन्मदिन के खास अवसर पर उनके संघर्ष से शुरू हुई सफलता तक की यात्रा पर गौर फरमा लेते हैं, जो वाकई में बेहद प्रेरणादायक है- 
विज्ञापन

2 of 5
शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
18 सितंबर, 1950 को हैदराबाद में जन्मीं शबाना आजमी ने प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के क्वीन मैरी स्कूल से हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से मनोविज्ञान में स्नातक किया। शबाना आजमी ने वर्ष 1973 में पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया संस्थान से अभिनय का कोर्स किया। रिपोर्ट की मानें तो, शबाना ने जया बच्चन से प्रेरित होकर अभिनय की दुनिया में नाम कमाने की ठानी थी। डेब्यू फिल्म 'अंकुर' में शबाना ने नौकरानी की भूमिका निभाई थी। हालांकि, उन्होंने इस किरदार को इतनी बखूबी से निभाया कि इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
विज्ञापन

3 of 5
शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
डेब्यू फिल्म से ही अपने दमदार अभिनय का सिक्का मनवा चुकीं शबाना आजमी को उनके काम के दम पर एक के बाद एक फिल्में मिलने लगीं। शबाना को महेश भट्ट के निर्देशन में बनी मूवी 'अर्थ' में देखा गया, जिसे दर्शकों का बेशुमार प्यार मिला। इसके बाद उनकी फिल्म 'खंडहर' भी फैंस का दिल जीतने में कामयाब रही। इस फिल्म को उस वक्त कांस फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था। शबाना को 'पार' (1985) और 'गॉडमदर' (1999) जैसी शानदार फिल्मों में भी देखा जा चुका है। 

4 of 5
शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
शबाना आजमी की मां शौकत आजमी भी एक जानी-मानी अभिनेत्री थीं, जिन्हें 'उमराव जान' और 'सलाम बॉम्बे' जैसी फिल्मों में देखा जा चुका है। मई 2019 में शौकत ने आखिरी सांस लेकर दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। हालांकि, शौकत की ऑटोबायोग्राफी 'कैफ एंड आई मेमॉयर' में शबाना की जिंदगी से जुड़े कुछ अहम और अनकहे पहलुओं पर से पर्दा उठा, जिसे जानकर हर कोई दंग रह गया। इसमें इस बात का भी खुलासा किया गया था कि बचपन में शबाना ने दो दफा आत्महत्या की कोशिश की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शबाना आजमी - फोटो : सोशल मीडिया
शौकत आजमी की ऑटोबायोग्राफी में शबाना के जरिए कॉफी बेचे जाने का किस्सा काफी ज्यादा चर्चित रहा है। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है, 'सीनियर कैम्ब्रिज में फर्स्ट डिविजन पास होने के बाद कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले शबाना ने तीन महीने पेट्रोल स्टेशन पर ब्रू कॉफी बेची। इससे उसे 30 रुपए प्रतिदिन मिला करता था। उसने कभी मुझे इसके बारे में नहीं बताया और मैं भी रिहर्सल में इतनी व्यस्त रही कि उसकी नामौजुदगी को नोटिस नहीं कर पाई। एक दिन उसने पूरा पैसा मुझे लाकर दिया, तब मैंने उससे इसके बारे में पूछा। उसने कहा कि उसके पास तीन महीने का वक्त था, जिसे उसने कॉफी बेचकर इस्तेमाल किया।' 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें