फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कादर खान को निधन के बाद मिलने जा रहा 'पद्म श्री', बेटा बोला- 'बहुत देर कर दी...'

Mon, 28 Jan 2019 04:10 PM IST
भावना शर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
kader khan - फोटो : File Photo
दिग्गज अभिनेता और लेखक कादर खान (Kader Khan) के निधन को लगभग एक महीना बीत चुका है। हिंदी सिनेमा की सैकड़ों फिल्मों को अपनी अदाकारी से चमकाने और अपने डायलॉग से सजाने वाले कादर खान को भारत सरकार ने सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
विज्ञापन

2 of 6
kader khan son - फोटो : instagram
पिंकविला के मुताबिक अपने पिता के लिए सम्मान मिलने से उनके बेटे सरफराज खान खुश हैं। सरफराज ही इस पुरस्कार को लेने कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस सम्मान के लिए उन्होंने भारत सरकार का शुक्रिया अदा भी किया है । बीते दिनों फिल्मकार के. सी. बोकाडिया ने कहा था कि मरहूम अभिनेता-लेखक को फिल्म उद्योग से वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे।
विज्ञापन

3 of 6
कादर खान सरफराज खान
सरफराज ने अपने इंटरव्यू में कहा, 'यह मेरे पिता के कठिन परिश्रम का नतीजा और मैं इसे स्वीकार करूंगा। हांलाकि इसे देने में देरी हुई। अच्छा होता कि वह इसे खुद स्वीकार करते, लेकिन मैं इसे अपने पिता के लिए प्राप्त करना चाहता हूं। अगर ईश्वर किसी व्यक्ति के साथ खुश है तो उस व्यक्ति के जाने के बाद भी उसे सम्मान मिलते रहना चाहिए।

4 of 6
kader khan amitabh bachchan
300 से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग और 200 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखने वाले कादर खान एक बेहतरीन इंसान थे। उन्होंने 44 साल तक बॉलीवुड में काम किया।कादर खान हरफनमौला कलाकार थे। अपने डायलॉग से ही उन्होंने अमिताभ को एंग्रीमैन बनाया। अमिताभ बच्चन और जितेंद्र जैसे बड़े अभिनेताओं को स्थापित करने में कादर खान भी बहुत बड़ा योगदान रहा। उनकी और गोविंदा की जोड़ी को परदे पर काफी पसंद किया गया।
विज्ञापन

5 of 6
kader khan - फोटो : ट्विटर
कादर खान का जन्म अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। कादर खान के जन्म से पहले उनके तीन भाईयों की मौत हो चुकी थी। कादर खान ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मेरे जन्म के बाद मेरी मां ने मेरे वालिद से कहा कि ये जगह मेरे बच्चों को रास नहीं आ रही है। मां ने मेरे वालिद पर दवाब बनाया और हमारा परिवार मुंबई में आकर बस गया।'
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
kader khan
कादर खान को राइटर के तौर पर ब्रेक राजेश खन्ना ने दिया था। उन्हें 'मेरी आवाज सुनो' फिल्म के लिए 1982 में सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का पुरस्कार मिला इसके साथ ही 1993 में 'अंगार' फिल्म के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक का फिल्म फेयर पुरस्कार भी जीता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें