संजय दत्त
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नई सदी में भी संजय दत्त ने अपने मुन्नाभाई अवतार में कम से कम दो बार बॉक्स ऑफिस पर दीवाली मनाई। पहली बार जब मुन्नाभाई एमबीबीएस रिलीज हुई तो ये सबके लिए किसी सरप्राइज फिल्म जैसी थी। कहां गांधी जी और कहां मुन्नाभाई, लेकिन निर्देशक राज कुमार हीरानी ने न्यू मिलेनियल्स के लिए गांधी जी के सारे उसूल, सारी पढ़ाई बिल्कुल डिजिटल एज की कर दी। ऐसा केमिकल लोचा कि उसने सबके दिमाग की बत्ती जला दी। 2003 की ये मसखरी राजू हीरानी ने फिल्म दोहराई साल 2006 में फिल्म लगे रहो मुन्नाभाई के जरिए। संजय दत्त ने जो काम मुन्नाभाई के तौर पर इन दोनों फिल्मों में किया, उसने उनके चाहने वालों के दिलों में उनके लिए बसे प्यार को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया।