Sandeepa Dhar
- फोटो : amar ujala, mumbai
संदीपा अपने आप को किरदार में पूरी तरह से ढालने के लिए सभी तरह से बहुत मेहनत कर रही हैं। कहानी और उसके कलेवर के हिसाब से वह अपनी भाषा, बोली, बॉडी लैंग्वेज, नाचना और अभिनय पर बहुत ध्यान दे रही हैं। चूंकि, वह एक थिएटर कलाकार हैं इसलिए उनका अभिनय बहुत प्राकृतिक है। फिर भी वह अपनी तरफ से अपने किरदार में कोई चूक नहीं करना चाहतीं।