डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, अक्षय कुमार, मानुषी छिल्लर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ को सिनेमाघरों तक पहुंचाने की यात्रा आसान नहीं रही आपके लिए, इतना जीवट बनाए रखने की हिम्मत कहां से मिली आपको?
पृथ्वीराज चौहान पर फिल्म बनाना मेरा सपना रहा है। बीते दो दशक से ये विषय मेरे साथ सांसें पाता रहा। इसे मैंने काफी लंबे समय तक विकसित किया है। एक शक्तिशाली और महान राजा पर फिल्म बनाने से पहले का शोध ही बहुत व्यापक रहा। सारे तथ्य इकट्ठा करने के बाद मैंने इसे लिखा और सिर्फ इसके तथ्य फिर से जांचने में मैंने महीनों लगाए हैं। अब मैं संतुष्ट हूं कि एक फिल्मकार के तौर पर मैंने एक ऐसी फिल्म बनाई है जो उनकी वीरता व उदार जीवनशैली को सच्ची श्रद्धांजलि है। इसे बड़े परदे तक लाने का हौसला बनाए रखने का पूरा श्रेय इसके निर्माता आदित्य चोपड़ा को जाता है, जिन्होंने इसे सिर्फ और सिर्फ सिनेमाघरों में ही रिलीज करने का फैसला किया और इस पर अंत तक कायम रहे।