sameera reddy
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अपने पोस्ट में समीरा ने लिखा- 'बिना सोए हुए भी काफी ज्यादा खुशी हो रही है। नियमित अंतराल पर बेबी को फीड कराना होता है। शायद मैं भूल गई थी कि स्तनपान कितना तनावपूर्ण होता है। बच्चे को दूध पिलाने की प्रक्रिया जितनी प्रकृतिक होती है उतनी ही हेक्टिक भी होती है। मैंने कई सारी महिलाओं के अनुभवों से ये जाना है कि वे भी इस दौरान काफी स्ट्रगल करती हैं। ब्रेस्टफीडिंग बार-बार करने में कोई शर्म नहीं होनी चाहिए।'