ये रहे सलमान के वकील और सरकारी वकीलों के तर्क
सलमान के वकील महेश बोड़ा व हस्तिमल सारस्वत ने कोर्ट को कहा कि कांकाणी हिरण शिकार मामले में चश्मदीदों के बयानों में काफी विरोधाभास है। इसके लिए इसी कोर्ट में सीजेएम कोर्ट के पांच साल की सजा के फैसले को चुनौती दे रखी है। लेकिन उसकी सुनवाई से पहले सलमान को जमानत मिलनी चाहिए, क्योंकि उन्हें गलत फंसाया गया है। वकीलों ने तर्क दिया कि सलमान को पहले भी कोर्ट ने जब भी बुलाया है, वह उपस्थित हुए हैं। वकीलों ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सजा के फैसले को चुनौती देने वाली अर्जी पर जब भी कोर्ट चाहे, सलमान को तलब कर सकता है, वह जरूर उपस्थित होंगे। सलमान को अदालत की सभी शर्तें मंजूर होंगी।
इधर, लोक अभियोजक पोकरराम और बिश्नोई समाज के अधिवक्ता महिपास सिंह ने कहा कि कोर्ट में पेश पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ जाहिर है कि दुर्लभतम काले हिरणों को गोली से मारा गया। चश्मदीद गवाह होने के कारण मामला गंभीर है और उसे सामान्य नहीं समझा जाना चाहिए। सलमान गंभीर आपराधिक कृत्य का दोषी है। उसे बेल देने के बजाय जेल में ही रखकर मामले की सुनवाई होनी चाहिए।