स्नेहा उल्लाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बिश्नोई समाज के लोग, जम्भेश्वर महाराज के 29 सिद्धांतों के अनुयायी हैं, जो प्रकृति और जीवों की सुरक्षा पर जोर देते हैं। उनका मानना है कि पेड़ों को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान करना एक महान कार्य है, जैसा कि उनके गुरु ने कहा है, "अगर आपको एक पेड़ को बचाने के लिए अपना सिर काटना पड़ता है, तो यह एक सस्ता सौदा है।" साको अर्थात पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी मर्जी से सामूहिक बलिदान की यह सच्ची कहानी इस फिल्म के माध्यम से विश्व को पता चलेगी। यह फिल्म अगले साल 28 फरवरी को देश भर में रिलीज की जाएगी।