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Salman Khan Birthday: इन 10 किरदारों से बने सिनेमा के 'सुल्तान', दिखा 'दबंग' का अलग अंदाज

Fri, 27 Dec 2019 11:47 AM IST
Avinash Pal रोहितास सिंह परमार, अमर उजाला, मुंबई
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सलमान खान - फोटो : सोशल मीडिया
हिंदी सिनेमा में दबंग खान के नाम पहचाने जाने वाले अभिनेता सलमान खान आज बुलंदियों को छू रहे हैं। वह जिस फिल्म को हाथ लगा दें, वह बॉक्स ऑफिस पर सोना उगलती है। यह मुकाम हासिल करने के लिए उन्होंने दिन रात एक करके मेहनत की है। दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दो फिल्मफेयर अवार्ड जीतने वाले सलमान खान ने मुख्य किरदार में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म मैंने प्यार किया से की थी। इसी फिल्म से उन्होंने दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया था। आप सलमान के जन्मदिन पर हम आपको उनके कुछ ऐसे किरदारों के बारे में बताएंगे जिनसे दुनिया सलमान की दीवानी हो गई।

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maine pyar kiya
किरदार : प्रेम चौधरी
फिल्म : मैंने प्यार किया (1989)

यह सलमान खान की मुख्य अभिनेता के रूप में पहली फिल्म है। प्रेम चौधरी के किरदार में सलमान खान इस फिल्म से ही दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहे। फिल्म की शुरुआत में प्रेम विदेशी रंग में ढला देसी लड़का है, जिसे एक देसी लड़की सुमन (भाग्यश्री) से प्यार हो जाता है। प्यार की शुरुआत दोनों लोग शर्त लगाकर दोस्ती से करते हैं। बाद में दोस्ती प्यार में बदल जाती है। इस फिल्म का एक मशहूर संवाद, 'एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते', अभिनेता मोहनीश बहल ने जीवन साहनी के किरदार में रहकर सुमन और प्रेम की दोस्ती का न्याय करने के लिए बोला था। किरदार में सलमान का अभिनय इतना प्रभावी था कि सलमान का दूसरा नाम प्रेम ही पड़ गया। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। 
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हम आपके हैं कौन
किरदार : प्रेम नाथ
फिल्म : हम आपके हैं कौन (1994)

सलमान का प्रेम के किरदार में एक और रूप हमें इस फिल्म में देखने को मिला। एक चुलबुला और नटखट सा प्रेम। इस फिल्म में देवर-भाभी का रिश्ता देखते ही बनता है। प्रेम अपनी भाभी (रेणुका शहाणे) की बहन निशा (माधुरी दीक्षित) से मिलता है और उन दोनों की शरारतें बहुत जल्द प्यार में बदल जाती हैं। इस फिल्म में प्रेम की शरारतें और धीरे-धीरे उसके और निशा के बीच परवान चढ़ता प्यार दर्शकों को बहुत पसंद आता है। कहते हैं प्यार त्याग का दूसरा नाम है। इस कहानी में यह मौका भी इन दोनों के लिए जल्द आता है जब प्रेम की भाभी की अकस्मात मौत हो जाती है। ऐसे में निशा और प्रेम अपने प्यार का गला घोंटकर एक दूसरे से अलग होने का फैसला भी कर लेते हैं। सलमान के इस फिल्म में तीन रूप देखने को मिले। एक, हंसता खेलता प्रेम, दूसरा, प्यार में पागल प्रेम और तीसरा, अपने प्यार का त्याग करता प्रेम। तीनों ही रूपों में सलमान ने बहुत तारीफें बटोरीं। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर अवार्ड में नामित किया गया। राजश्री की सुपरहिट फिल्म नदिया के पार की ये रीमेक है और यहीं से हिंदी सिनेमा में रीमेक का चलन शुरू हुआ।

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Karan Arjun
किरदार : अजय / करण
फिल्म : करण अर्जुन (1995)

वक्त के खेल खेलती फिल्म की कहानी में सलमान दो अलग-अलग वक्त के व्यक्ति के रूप में नजर आते हैं। एक किरदार वो जिसे दुर्जन सिंह (अमरीश पुरी) ने मौत के घाट उतार दिया है। और दूसरा वो जिसने पुनर्जन्म लिया है। करण के किरदार में सलमान बहुत ही भोले-भाले, निस्वार्थ, और दुनिया की चालाकियों से अनभिज्ञ हैं। इसी चक्कर में वह मारे जाते हैं। जबकि अजय के किरदार में सलमान एक बॉक्सिंग चैंपियन हैं। जब वह लड़ते हैं तो उन्हें अपने पिछले जन्म की याद आती है। यह किरदार बहुत ही दमदार और जज्बातों से भरा हुआ है। जब वह लौटकर अपने  गांव जाते है तो एक मां (राखी गुलजार) की पथराई हुई आंखों में वह पानी बनके निकलते हैं। और अपने भाई अर्जुन (शाहरुख खान) के साथ मिलकर दुर्जन सिंह से अपने पिछले जन्म का बदला लेते हैं। इसमें सलमान का किरदार बहुत गंभीर है और उससे भी ज्यादा गंभीर वह अपने अभिनय को लेकर नजर आते है। इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए नामित किया गया था।  
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प्यार किया तो डरना क्या - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : सूरज खन्ना
फिल्म : प्यार किया तो डरना क्या (1998)

एक कॉलेज में लोकप्रिय बड़े बाप का लड़का सूरज (सलमान खान) तब गंभीर होता है जब उसकी जिंदगी में एक हसीन लड़की मुस्कान (काजोल) की एंट्री होती है। सूरज मुस्कान के प्यार में इतना पागल था कि उसे पाने के लिए वह उसके घर तक भी जा पहुंचा। सूरज की असली परीक्षा तो वहीं जाकर शुरू होती है। वह अपने प्यार को पाने के लिए वो सब काम करता है जो उसने पहले कभी नहीं किए। सलमान का सब बातों को हल्के में लेने वाला अंदाज लोगों को बहुत पसंद आया। छोटी-छोटी हरकतों से दर्शकों का मनोरंजन करने वाला सूरज जब अपने प्यार को पाने के लिए उसके ही घर पर गोबर उठाना, खेतों में काम करना और उसके ही भाई से मार खाना जैसे काम करता है, तो उसके किरदार के प्रति लोगों की सहानुभूति दोगुनी को जाती है। इस दमदार किरदार के लिए उनका फिल्मफेयर अवार्ड की सर्वश्रेष्ठ अभिनेता सूची में नामांकन किया गया था।
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hum dil de chuke sanam
किरदार : समीर
फिल्म : हम दिल दे चुके सनम (1999)

सलमान इस फिल्म में समीर के किरदार में नजर आए। समीर एक विदेशी है जो नंदिनी (ऐश्वर्या राय बच्चन) के घर में रहने और उसके पिताजी से संगीत सीखने आया है। उसे नंदिनी से प्यार हो जाता है। समीर का प्यार निस्वार्थ है लेकिन नंदिनी के पिता इस प्यार के लिए राजी नहीं होते। वह समीर को निकाल देते हैं और समीर वापस विदेश लौट जाता है। सलमान का अभिनय काफी व्यवस्थित लगता है। यह फिल्म एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। अभिनेता की सही पहचान तो ड्रामा से ही होती है। और इसमें सलमान बिल्कुल खरे उतरते हैं। हंसने, रोने और मोहब्बत करने का पूरा सलीका किसी मंझे अभिनेता जैसा ही था। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया। 
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tere naam
किरदार : राधे मोहन
फिल्म : तेरे नाम (2003)

सलमान का इस फिल्म में राधे का किरदार भारत के युवाओं पर बहुत ही ज्यादा प्रभावी रहा। उनके चाहने वाले अपने बालों की स्टाइल राधे जैसी करके गलियों में राधे बेचारा बनके बहुत घूमते थे। वैसे भी हमारी नई पीढ़ी फिल्मों से ऐसे ही कुछ शौक ही तो चुराती है। राधे अपने कॉलेज की लड़की निर्जरा (भूमिका चावला) से पागलों की हद तक प्यार करने लग जाता है। एक बार राधे की लड़ाई कुछ गुंडों से होती है। वह राधे को पीट पीटकर अधमरा करके छोड़ जाते हैं। यहीं से राधे का असली अभिनय शुरू होता है। आरोग्यधाम में पागलों के बीच रहना और हर रोज नई परेशानियों से लड़ना राधे की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। यहां सलमान का अभिनय वाकई काबिलेतारीफ रहा। दर्शक तो उनके लुक के ही दीवाने थे, समीक्षकों ने भी उनकी अभिनय शक्ति पर बेहतरीन का ठप्पा लगा दिया था। यहां भी सलमान को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता अवार्ड के लिए नामांकन मिला। 

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No Entry - फोटो : Social Media
किरदार : प्रेम
फिल्म : नो एंट्री (2005)

इस फिल्म के साथ सलमान की प्रेम के रूप में फिर से वापसी हुई। यह एक कॉमेडी फिल्म है। प्रेम अपनी बीवी (ईशा देओल) होने के बावजूद बाहर भी लड़कियों पर नजर मारता है। वह थोड़ा दिलफेंक आशिक किस्म का इंसान है। इन सब कामों को करना वह बहुत अच्छा मानता है और अपने दोस्तों किशन (अनिल कपूर) और शेखर (फरदीन खान) को भी इसकी सलाह देता है। ये दोनों प्रेम के बहकावे में आकर उसके जैसी ही प्रवृत्ति अपनाने की कोशिश करते हैं। इस फिल्म में प्रेम एक बहुत अच्छा वक्ता भी है। वह लोगों अपनी बातों में उलझाने की कला बखूबी जनता है। अंत में उसकी यह कला उसी पर भारी पड़ती है। सलमान को इस फिल्म के लिए कॉमेडी में बेहतरीन प्रदर्शन का फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया। 

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Dabangg 3 - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : चुलबुल पांडे
फिल्म : दबंग (2010)

दबंग सीरीज की इस फिल्म से शुरुआत करने वाले सलमान को आज इसी फिल्म के लिए दबंग खान के रूप में भी जाना जाता है। इस फिल्म में सलमान का किरदार चुलबुल पांडे एक सुपर कॉप है। वह अपने आप को आधा रोबिन हुड पांडे भी कहलवाना पसंद करता है। क्योंकि वह अमीरों से लेता जरूर है लेकिन गरीबों को देता नहीं है। सलमान का किरदार बहुत दबंग है तो कुछ रौबदार संवाद भी अपने अंदाज में उन्होंने बोले, जैसे, 'छेदी सिंह (सोनू सूद) हम तुम में इतने छेद करेंगे कि कंफ्यूज हो जाओगे, कि सांस कहां से लें और पादें कहां से'। सलमान की इस फिल्म में रोमांस है, मारधाड़ है, रोमांच है और जज्बात भी हैं। और ये सारे काम करते हैं सलमान खान। दबंग अभिनेता का करियर यहीं से उछालें मारने लगा था, जिसका सिलसिला अब तक जारी है। इस फिल्म के लिए सलमान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया था। 

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Bodyguard - फोटो : file photo
किरदार : बॉडीगार्ड लवली सिंह
फिल्म : बॉडीगार्ड (2011)

इस फिल्म से बॉडीगार्ड बने सलमान खान एक लंबे समय तक अपनी खास अदा के लिए जाते रहे। इस फिल्म के किरदार की आदत है कि वह हर काम बहुत ही शिद्दत से करता है। उसे दिव्या (करीना कपूर) का अंगरक्षक नियुक्त किया जाता है। वह इस काम को बहुत गंभीरता से करता है। अपनी जान पर खेलकर कई बार दिव्या को बचाता है। उसे एक प्राइवेट नंबर से आने वाली कॉल पर एक लड़की से प्यार हो जाता है। अब लवली उससे प्यार भी करता है तो वह भी बहुत शिद्दत से करता है। उसके लिए वह कुछ भी कर सकता है। बस अपने कर्तव्य को ताक पर नहीं रख सकता। सलमान का किरदार उसूलों का बहुत पक्का और इरादों का दृढ़ है। जो काम उसे नहीं करना है, उसके लिए उसे कोई तैयार नहीं कर सकता। जैसा कि उसका स्वभाव है, वह संवाद भी वैसे ही बोलता है, 'मुझपर एक एहसान करना, कि मुझपर कोई एहसान न करना'। इस फिल्म के लिए सलमान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया था।
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sultan
किरदार : सुल्तान अली खान
फिल्म : सुल्तान (2016)

यह एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है। सलमान का किरदार सुल्तान हहरियाणा के छोटे से गांव में एक केवलवाला होता है जो लोगों के घर में डिश टीवी के कनेक्शन बांटता फिरता है। इसी बीच उसे एक पहलवान लड़की आरफा (अनुष्का शर्मा) से प्यार हो जाता है। उस प्यार को पाने के लिए वह बहुत से पापड़ बेलता है। यहां तक कि उस लड़की के लिए वह एक पेशेवर कुश्ती लड़ने वाला खिलाड़ी बन जाता है और देश के लिए मैडल भी जीतता है। यह किरदार बहुत ही प्रेरणादायक है। इसने खुद से ही सबकुछ करने की ठान ली और करके भी दिखाया। सलमान खान इस किरदार बहुत अच्छे दिखे। दर्शकों ने इस फिल्म को हाथोंहाथ लिया और समीक्षकों ने सलमान के अभिनय को खूब सराहा। 

पढें: क्या आप जानते हैं फिल्मों के लिए क्यों शर्टलेस होते हैं सलमान खान, 21 साल पुरानी है वजह
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