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Happy Birthday Salim Khan: …और, फिर सलीम खान ने कभी नहीं किया अमिताभ के साथ काम, जानिए 10 अनसुनी कहानियां

Tue, 24 Nov 2020 08:43 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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अमिताभ बच्चन, सलीम खान - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हिंदी फिल्मों की सुप्रसिद्ध लेखक जोड़ी सलीम जावेद ने हिंदी सिनेमा को 'दीवार', 'जंजीर', 'शोले', 'शान', 'शक्ति' जैसी तमाम बड़ी और बेहतरीन फिल्में दीं। इन फिल्मों की तारीफ इनके संवादों और कहानी की वजह से ही ज्यादा होती रही है। खुद सलीम खान ने भी एक इंटरव्यू में कहा है कि अगर 'दीवार' फिल्म की कहानी कोई निर्माता और कलाकार सुनेगा तो वह इसे करने के लिए कभी राजी नहीं होता। वह तो फिल्म की पटकथा ही थी जिसकी वजह से कलाकार भी तैयार हुए और फिल्म को निर्माता भी मिले। सलीम जावेद की जोड़ी ने अपनी कलम से कई करिश्मे किए। हालांकि, जब यह जोड़ी टूटी, तब भी इन दोनों लेखकों का काम चलता रहा। आज सलीम खान के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनके काम के कुछ किस्से सुनाते हैं।
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अमिताभ बच्चन - फोटो : instagram/amitabhbachchan
'अकेला' में गलत साबित हुए सलीम
रमेश सिप्पी के निर्देशन में वर्ष 1991 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'अकेला' में इसके खलनायक एंथोनी ब्रगेंजा का किरदार निभाने के लिए कीथ स्टीवेंसन का नाम रमेश को सलीम खान ने ही सुझाया था। रमेश को लग रहा था कि कीथ की हिंदी इतनी अच्छी नहीं है इसलिए वह ठीक से काम नहीं कर पाएंगे। लेकिन, जब कीथ ने एक परीक्षा पास की तो रमेश ने उसे फिल्म में ले लिया। सलीम का दावा था कि कीथ रमेश की दूसरी फिल्मों के विलेन जैसे 'शोले' का गब्बर और 'शान' का शाकाल जैसा सनसनीखेज खलनायक बनेगा। लेकिन, अंत में सलीम गलत साबित हुए। 'अकेला' फ्लॉप होने का सबसे बड़ा कारण कीथ स्टीवेंसन ही थे।
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सलमान खान, सलीम खान - फोटो : फाइल
विवेक वासवानी से हुई कहासुनी
वर्ष 1991 में अनंत बलानी के निर्देशन में आई फिल्म 'पत्थर के फूल' के दौरान सलीम खान और इसके सह निर्माता विवेक वासवानी के बीच तकरार की खबरें मीडिया में बहुत आईं। इस फिल्म के रिलीज होने के बाद सलीम खान ने एक इंटरव्यू में कहा कि विवेक के पास सौ रुपये भी नहीं थे जब वह उनसे मिले। वह सलीम खान ही थे जिन्होंने जीपी सिप्पी से विवेक को मिलवाया। सलीम की इन बातों को विवेक ने बिल्कुल झूठी बताया। उन्होंने कहा कि जीपी सिप्पी के भतीजे विजय उनके दोस्त थे। विवेक ने कहा कि जो सलीम सौ रुपये भी जेब में न होने की बात कर रहे हैं, उनको विवेक ने फिल्म की पटकथा लिखने से पहले ही पूरे पैसे दे दिए थे। पैसे पूरे लेने के बावजूद सलीम ने पटकथा पर कई महीनों तक काम नहीं किया।

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अमिताभ बच्चन - फोटो : Twitter
अपने ऊपर लिया 'तूफान' के फ्लॉप होने का दोष
अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में बहुत सी फ्लॉप फिल्में दी हैं। उनमें से एक रही वर्ष 1989 में केतन देसाई के निर्देशन में आई फिल्म 'तूफान'। अमिताभ बच्चन के नए अवतार के लिए यह फिल्म चर्चाओं में भी बहुत रही। फिर भी दर्शकों ने इस फिल्म को पसंद नहीं किया। इस फिल्म के फ्लॉप होने के कई कारण बताए गए। इनमें से एक यह भी था कि अमिताभ ने इस फिल्म में तो एक सुपरहीरो जैसा किरदार निभाया है वहीं इसी साल रिलीज हुई उनकी दूसरी फिल्म 'जादूगर' में उन्होंने एक जादूगर का किरदार निभाया। ये दोनों ही किरदार काफी मिलते जुलते रहे। लेकिन, जब सलीम खान से इस फिल्म के फ्लॉप होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सारा इल्जाम अपने सिर ले लिया। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने अमिताभ बच्चन के किरदार को इस फिल्म में गलत तरीके से लिखा। एक तो उन्होंने अमिताभ के किरदार को गुस्सैल दिखाया और दूसरी तरफ उसे मजाकिया भी बना दिया। ऐसा पहले भी दूसरी फिल्मों में हो चुका था लेकिन यहां कुछ ज्यादा ही हो गया।
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सलमान खान, सलीम खान - फोटो : इंस्टाग्राम
'फलक' के फ्लॉप होने का कारण
जैकी श्रॉफ, राखी गुलजार, माधवी, सुप्रिया पाठक, अनुपम खेर, किरण कुमार, परेश रावल, विक्रम गोखले, आकाश खुराना जैसे कलाकारों से सजी वर्ष 1988 की फिल्म 'फलक' मुहूर्त के दिन से ही खूब चर्चाओं में रही। फिल्म में बड़े-बड़े कलाकार जो काम कर रहे थे। भले ही फिल्म में भारी-भरकम कलाकार थे लेकिन दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में यह फिल्म नाकामयाब रही। जब यह फिल्म फ्लॉप हो गई तो इसके निर्देशक शशिलाल के नायर ने सारा दोष सलीम खान के सिर मढ़ दिया। शशिलाल का कहना था कि सलीम खान फिल्म की शूटिंग के दौरान हमेशा उनके मामले में टांग अड़ाते रहते थे। वह कहते थे कि ऐसा करो और ऐसा मत करो। यही कारण है कि यह फिल्म फ्लॉप हो गई। हालांकि, शशिलाल की बातों पर सलीम ने कभी कुछ नहीं कहा।
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सलीम खान, जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
'मिस्टर इंडिया' के लिए अमिताभ
हिंदी फिल्मों में सलीम जावेद की जोड़ी बहुत मशहूर रही। इस जोड़ी ने 'दीवार', 'शोले', 'शक्ति', 'शान' जैसी फिल्में लिखीं। इस जोड़ी की अंतिम फिल्म वर्ष 1987 में आई शेखर कपूर की 'मिस्टर इंडिया' रही। सलीम जावेद ने इस फिल्म की पटकथा अपनी फिल्म 'जमाना' से भी पहले तैयार की थी। सलीम जावेद ने जब इस फिल्म को लिखा तो उनके दिमाग में अमिताभ बच्चन मुख्य अभिनेता और रमेश सिप्पी निर्देशक के रूप में चल रहे थे। लेकिन, अमिताभ के साथ बात नहीं बनी और रमेश ने जब इस पटकथा को पढ़ा तो उन्होंने भी इसे बनाने से इनकार कर दिया। उनकी फिल्म 'शान' फ्लॉप हो गई थी। इसलिए, रमेश वैसा ही बड़े बजट का कोई प्रोजेक्ट नहीं करना चाहते थे। इस वजह से सलीम जावेद ने इस फिल्म को ठंडे बस्ते में डालकर अपनी दूसरी फिल्म 'जमाना' शुरू की।
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सलीम खान, जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जावेद से नाराज हो गए थे सलीम
सलीम जावेद ने वर्ष 1980 में अपनी फिल्म 'जमाना' बनाने की योजना बनाई। उन्होंने फिल्म की पटकथा लिखी और इसमें धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन को साथ लाने का फैसला किया। इस फिल्म के लिए सलीम जावेद निर्माता बनने के लिए भी तैयार थे। लेकिन अमिताभ के साथ उनकी ऐसी बिगड़ी कि सारा मामला ही धरा रह गया। दिक्कत 'मिस्टर इंडिया' फिल्म को बनाने से लेकर ही शुरू हुई थी। अमिताभ बच्चन इन दिनों फिल्मों के अलावा राजनीति पर भी बहुत ध्यान दे रहे थे। इसलिए, सलीम जावेद को 'मिस्टर इंडिया' फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन के मात्र 15 दिन चाहिए थे। क्योंकि ज्यादातर वक्त तो अमिताभ को गायब ही रहना था। रुपये की बात करने के लिए अमिताभ के साथ सलीम जावेद ने एक बैठक की। इस बैठक में अमिताभ की बजाय उनके भाई अजिताभ आए। लेकिन, बात बनी नहीं। अमिताभ ने इस फिल्म के लिए भारी रकम की मांग की जिस पर सलीम जावेद तैयार नहीं हुए। फिर सलीम जावेद ने 'मिस्टर इंडिया' का ख्याल त्याग दिया और जमाना पर काम शुरू कर दिया। इसी साल सलीम और जावेद अलग हो गए। और अलग होते ही जावेद वापस अमिताभ के पास चले गए। सलीम को इस बात का बहुत गुस्सा आया। क्योंकि, उन्होंने सलीम के सामने अमिताभ के साथ कभी काम न करने की कसम खाई थी।

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जावेद अख्तर, सलीम खान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'अंगारे' में किया सलीम खान ने काम
जावेद से अलग होकर सलीम खान ने सबसे पहली पटकथा संजय दत्त की फिल्म 'नाम' के रूप में लिखी। हालांकि, हकीकत यह है कि 'नाम' रिलीज पहले हो गई थी लेकिन पटकथा सलीम ने पहले राजेश खन्ना की फिल्म 'अंगारे' की लिखी। सलीम और जावेद ने एक साथ राजेश खन्ना की फिल्म 'हाथी मेरे साथी' में पटकथा लेखक और संवाद लेखक के रूप में काम किया था। इसके बाद सलीम ने राजेश की फिल्म 'अंगारे' पर उसके निर्देशक राजेश सेठी के साथ काम किया। जावेद से अलग होने के बाद सलीम की यह पहली फिल्म रही। उधर, जावेद ने भी यश चोपड़ा के साथ फिल्म 'सिलसिला' में एक गीतकार के रूप में काम किया और 'मशाल' की पटकथा भी लिखी।

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सोहेल खान, सलीम खान, सलमान खान, अरबाज खान - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राजेंद्र कुमार ने की शरारत 
जावेद अख्तर से अलग होने के बाद सलीम ने पहली पटकथा फिल्म 'नाम' की लिखी। इस पटकथा में सलीम ने कुछ ऐसे दृश्य डाले जिसमें कुमार गौरव संजय दत्त की शर्ट पहन लेते हैं जबकि संजय दत्त अपने कपड़े स्त्री करके रखते हैं। फिर उनके बीच लड़ाइयां होती हैं। यह सभी दृश्य सलीम ने अपने बेटों सलमान, अरबाज और सोहेल के बीच होते हुए देखे थे। इसलिए, उन्होंने इन चीजों को फिल्म 'नाम' की पटकथा में डाला। फिल्म के निर्माता राजेंद्र कुमार ने जब पटकथा देखी तो उन्हें उन्हें वह पसंद तो आई है लेकिन उन्होंने कुछ बदलाव करने शुरू कर दिए। यह देख कर सलीम थोड़ा बुरा महसूस करने लगे। जब राजेंद्र को इस बात का अंदाजा हुआ तो उन्होंने सलीम से कहा कि वह फिल्म में कोई बदलाव नहीं करेंगे। फिल्म वैसी ही बनेगी जैसी सलीम खान ने लिखी है। और बाद में फिल्म वैसी ही बनी।

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सलीम खान, सलमान खान - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अमिताभ ने की 'नाम' की स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग
सलीम खान की पहली फिल्म 'नाम' जब बनकर तैयार हुई तो इसे देखने की इच्छा अमिताभ बच्चन ने भी जताई। उन्होंने इस फिल्म के निर्माताओं से गुजारिश की कि वह इसकी स्पेशल स्क्रीनिंग रखें। वह देखना चाहते थे आखिर जावेद अख्तर से अलग होने के बाद सलीम खान ने किस तरह की फिल्म लिखी है। अमिताभ बच्चन की गुजारिश पर जब 'नाम' की स्क्रीनिंग रखी गई तो अमिताभ बच्चन ने फिल्म देखी। और वह जान गए कि सलीम खान अकेले भी बहुत कुछ कर सकते हैं। फिल्म देखने के बाद अमिताभ बच्चन संजय दत्त और कुमार गौरव के साथ डिनर के लिए चाइना गार्डन गए। उन्होंने 'नाम' फिल्म की पूरी टीम के लिए बधाई संदेश लिखा। सबके लिए कहा कि सभी ने अच्छा काम किया। लेकिन, उन्होंने सलीम खान को बधाई नहीं दी। जब सलीम खान से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन ने उन्हें एक तरह से पीछे से बधाई दे दी है। अगर अमिताभ बच्चन को फिल्म पसंद आई है तो इसका मतलब यही हुआ न कि उन्हें सलीम खान का काम पसंद आया। सलीम का मानना था कि जब फिल्म उन्होंने लिखी है तो काम भी उनका ही हुआ।
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राज बब्बर - फोटो : फाइल
'शक्ति' के लिए की राज बब्बर की सिफारिश
सलीम और जावेद अक्सर नए हुनरमंद कलाकारों की तलाश में रहते थे। उन्होंने राज बब्बर का एक नाटक देखा और वह उनसे बहुत प्रभावित हुए। इसलिए, सलीम जावेद ने फिल्म 'शक्ति' के निर्देशक रमेश सिप्पी और इसके निर्माता मुशीर आलम और मोहम्मद रियाज से फिल्म 'शक्ति' में दिलीप कुमार के बेटे का किरदार निभाने के लिए राज बब्बर का नाम सुझाया। फिल्म के निर्माता और निर्देशक सलीम जावेद की बात मान गए। उन्होंने फैसला किया कि राज बब्बर फिल्म में दिलीप कुमार के बेटे का किरदार निभाएंगे। लेकिन फिल्म वितरक इस फैसले से ज्यादा खुश नजर नहीं आए। उनका कहना था कि अगर सुपरस्टार दिलीप कुमार के बेटे का किरदार अमिताभ बच्चन निभाएंगे तो फिल्म ज्यादा पैसा कमाएगी। इसलिए, निर्माताओं ने राज बब्बर को छोड़कर अमिताभ बच्चन को साइन कर लिया। नमक हलाल के बाद यह दूसरा मौका था जब अमिताभ बच्चन की फिल्म में राज बब्बर को जगह नहीं मिली।
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