आर माधवन, सिमरन बग्गा
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट’ का ट्रेलर बताता है कि नंबी नारायणन बनना दुस्साहस ही है। एक सामान्य सोच रखने वाला इंसान कुछ भी बन सकता है, नंबी नारायणन नहीं बन सकता। ये पागलों जैसा काम है, नासा की नौकरी छोड़ इसरो के जरिए देश की सेवा करना और अपना खुद का घर इस चक्कर में बर्बाद कर लेना। जिस वैज्ञानिक ने देश को बुलंदियों पर पहुंचाने का सपना देखा, उसके नितंब इसी देश की पुलिस हवालात में लाल कर देती है, यही इस फिल्म की असली कहानी है।