अशोक गहलोत
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इससे पहले परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। पीड़ित परिवार मुआवजे और नौकरी की मांग कर रहे थे। पुजारी के परिजनों का कहना था कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुजारी बाबूलाल के रिश्तेदार ने कहा था, 'हमें 50 लाख का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी मिले। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।'